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आधे शहर में बूंद-बूंद को हाहाकार, वैकल्पिक व्यवस्था फेल, नर्मदा तटों से ढोया पानी

जलसंकट गहराया : सूचना के बाद भी कई क्षेत्रों में नहीं पहुंचा टैंकर

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Water Crisis In Jabalpur

जबलपुर. नगर निगम प्रशासन की बदइंतजामी का खामियाजा आधा शहर जलसंकट के रूप में भुगत रहा है। दो दिन बाद भी रमनगरा प्लांट की राइजिंग लाइन नहीं सुधरने से जलापूर्ति ठप रही। इससे आधे शहर में पानी के लिए हाहाकार मचा रहा। जलापूर्ति के लिए निगम प्रशासन की ओर से की गई वैकल्पिक व्यवस्था भी फेल हो गई। शहर में निर्बाध जलापूर्ति के लिए निगम के अधिकारी-कर्मचारियों की चार स्तरीय टीम बनाई गई है। इसके बावजूद प्रभावित इलाकों में पानी का टैंकर बुलाने के लिए जल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देने के बाद भी लोगों को पानी नहीं मिला।

सूचना के बाद भी नहीं पहुंचे टैंकर
नगर निगम के अधिकारियों को सूचना देने के बाद भी जब टैंकर नहीं पहुंचा तो लोगों ने पानी के लिए ग्वारीघाट और तिलवाराघाट का रुख किया। रविवार को रानीताल, यादव कॉलोनी, बल्देवबाग, उजारपुरवा क्षेत्र के लोग मालवाहक ऑटो में ड्रम, कुप्पे लेकर ग्वारीघाट पहुंचे। गढ़ा, शास्त्री नगर, धनवतंरि नगर और गंगा सागर के लोग वाहनों में कुप्पे-ड्रम लेकर तिलवाराघाट पहुंचे।

गिनती के टैंकर पहुंचे
निगम प्रशासन ने दावा किया था कि रमनगरा प्लांट की राइजिंग लाइन में सुधार होने और आपूर्ति बहाल होने तक प्रभावित इलाकों में सौ से ज्यादा टैंकरों व दमकल वाहनों से पानी पहुंचाया जाएगा। इसके बावजूद कई इलाकों में टैंकर नहीं पहुंचे। जिन क्षेत्रों में टैंकर पहुंचे, वहां भी लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिला।

देर रात तक तक हो जाएगी मरम्मत
नगर निगम के कार्यपालन यंत्री कमलेश श्रीवास्तव ने बताया कि देर रात तक राइजिंग लाइन का सुधार कार्य पूरा हो जाएगा। अभी ग्लास रेमकोट पाइप (जीआरपी) में फाइबर ग्लास की कोटिंग की जा रही है। 12 परत चढ़ाई गई हैं। सोमवार को कोटिंग को सेट होने के लिए छोड़ा जाएगा। मंगलवार सुबह टेस्टिंग की जा सकती है।