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मातृभूमि की रक्षा से पहले थमीं सैनिक की सांसे

महार रेजीमेंट में पदस्थ थे जबलपुर निवासी हवलदार इंद्र कुमार जाटव

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army man died

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जबलपुर .महार रेजीमेंट में पदस्थ जबलपुर निवासी हवलदार इंद्र कुमार जाटव की अचानक मृत्यु से उनका परिवार गहरे सदमें में हैं। हवलदार जाटव छुट्टियां मनाने घर आए थे। कुछ दिन परिवार के साथ रहकर यूनिट में ज्वाइन करने से पहले वह माता वैष्णों के दर्शन करने गए थे। तभी 19 अप्रैल को अद्र्धकुमारी के पास ह्दयघात से मृत्यु हो गई। उनका पार्थिव शरीर हवाई जहाज से दिल्ली फिर भोपाल लाया गया। वहां से सडक़ मार्ग से शव जबलपुर पहुंचा। सोमवार को उनकी अंतेष्टी होगी।

वीएफजे इस्टेट से लगे इंद्रानगर निवासी हवलदार जाटव महार रेजीमेंट की 108 इन्फेन्ट्री में पदस्थ थे। वह छुट्टियां लेकर जबलपुर आए थे। वह यूनिट में तैनाती देने वाले थे। इससे पहले जम्मू पहुंचकर माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए गए। परिवारिक सदस्यों ने बताया कि वह अर्धकुमारी के दर्शन के लिए लाइन में खड़े थे। 19 अप्रैल की दोपहर गश्त खाकर गिर गए। दूसरे श्रद्धालुओं ने उन्हें पास के अस्पताल में पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

साथी मौत से हैं हैरान
41 वर्षीय हवलदार की मुत्यु से साथी सैनिक दुखी हैं। उनका कहना था कि वह अच्छे खिलाड़ी हैं। तंदुरुस्त होने के कारण वह हमेशा यूनिट की बास्केटबॉल और वॉलीवॉल की टीम में रहते थे। वह संगीतप्रेमी भी थे। जब बॉर्डर से छुट्टियोंमें जबलपुर आते थे तो रांझी और खमरिया क्षेत्र के आर्केस्ट्रा में अपनी आवाज देने से नहीं चूकते थे। उनका निधन कलाकारों को भी सदमा दे गया।

पत्नि को रविवार को दी खबर
सैनिक की मौत की खबर उनकी पत्नि रश्मि को रविवार को दी गई। इससे पहले उन्हें सिर्फ इतना बताया गया कि ड्यूटी पर तैनाती से पहले उनकी जम्मू में तबियत खराब हो गई। उन्हें दिल्ली लाया गया है। फिर बताया कि ज्यादा तबियत बिगड़ गई है। लेकिन परिजन ज्यादा समय तक इस सच्चाई को छिपा नही पाए। हवलदार जाटव की दस वर्षीय पुत्री एवं 6 वर्ष का पुत्र है। सोमवार को दोपहर 12 बजे ग्वारीघट में उनकी अंतेष्टि की जाएगी।