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इस ग्रह की उपासना से दूर होता है बुरा वक्त, आते हैं अच्छे दिन

सु यानि अच्छा और दशा यानि समय - बुरा वक्त बीतकर अच्छे समय का आरंभ होता है दशमी तिथि के इस विशेष संयोग पर

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sudasa vrit ka mahatva

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जबलपुर। बृहस्पति का उपाय करने के लिए दशमी या द्वितीया के दिन आनेवाला बृहस्पतिवार बहुत शक्तिशाली होता है। जब गुरुवार को ये दशमी तिथि होती है तो उसे सुदशाव्रत कहते हैं जिसका अर्थ है सु यानि अच्छा और दशा यानि समय आरंभ होता है। इस दिन पूजा करने से बृहस्पतिकाल में आई दुर्दशा दूर हो जाती है। २८ दिसंबर को दशमी तिथि और गुरुवार के दिन का यह शुभ संयोग बना है। इस मौके पर शहर के सभी विष्णु मंदिरों में विष्णुपूजन के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए हैं।


दूर होता है गुरुदोष
सुदशाव्रत से गुरुदोष भी दूर होता है। इसलिए इस शुभ संयोग का लाभ उठाने के लिए संस्कारधानी के विष्णु मंदिरों, लक्ष्मीनारायण, श्रीकृष्ण और राममंदिरों में गहमागहमी है। ज्योतिषी दीपक दीक्षित के अनुसार जब किसी की कुंडली में गुरु ग्रह का दोष होता है तो विवाह और भाग्य संबंधी कठिनाइयों को झेलनी पड़ती है। गुरु ग्रह को बृहस्पति ग्रह भी कहा जाता है। बृहस्पति देव को देवताओं का गुरू भी कहा गया है। इसलिए बृहस्पति देव को खुश कर भाग्य और विवाह संबंधी समस्या को दूर किया जा सकता है। ज्योतिष शास्त्र के आधार पर आज हम आपको ऐसे कुछ उपाय बता रहे हैं, जिससे गुरू दोष दूर हो सकते हैं।


यह करें उपाय
प्रत्येक गुरुवार शिवजी को बेसन के लड्डू का भोग लगाएं। इस उपाय से गुरु ग्रह के दोष दूर होते हैं।
गुरुवार को गुरु ग्रह के लिए व्रत रखें। इस दिन पीले कपड़े पहनें। भोजन में पीले रंग का पकवान बेसन के लड्डू, आम, केले आदि शामिल करना गुरू दोषों से मुक्ति दिलाता है।
गुरु बृहस्पति की प्रतिमा या फोटो को पीले कपड़े पर विराजित करें और पूजा करें। पूजा में केसरिया चंदन, पीले चावल, पीले फूल और प्रसाद के लिए पीले पकवान या फल चढ़ाएं।
गुरूवार के दिन गुरु का बीज मंत्र 'ऊं बृं बृहस्पते नम:Ó का कम से 108 बार जाप जरूर करें। इससे बृहस्पति देव खुश होते हैं जिससे गुरू दोष दूर होते हैं।
गुरु से जुड़ी पीली वस्तु जैसे हल्दी, चने की दाल, सोना आदि का दान करें।
गुरुवार को सूर्योदय से पहले जागें। स्नान करने के बाद भगवान विष्णु के सामने घी का दीपक जलाएं। संभव हो तो विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।
गुरुवार की शाम को केले के पेड़ के नीचे सरसों तेल का दीपक जलाएं साथ में बेसन के लड्डू का भोग लगाएं।
गुरुवार को माता-पिता एवं गुरु के चरण स्पशज़् करें और आशीर्वाद प्राप्त करें। इन उपायों से धन, संपत्ति, विवाह और भाग्य संबंधी बाधाएं दूर हो सकती हैं।