स्टेट फॉरेस्ट रिसर्च सेंटर से लेकर नर्सरी तक पौधे किए विकसित
सरकारी लक्ष्य से ज्यादा आम नागरिकों की पौधरोपण में भागीदारी

सरकारी विभाग जुड़े
कृषि महाविद्यालय उद्यान शास्त्र विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. रजनी शर्मा ने बताया कि विवि के उद्यान व वानिकी विभाग में बड़ी संख्या में पौधे तैयार किए गए हैं। ये खेतों से लेकर उद्यान और लोगों के घरों के आंगन में लगाए जाएंगे। इसी तरह से हार्टिकल्चर विभाग की इमलिया स्थित नर्सरी में 5500 से ज्यादा पौधे तैयार किए जा रहे हैं। पहले चरण में एक हजार पौधे लगाने के लिए तैयार हो चुके हैं। उद्यान शास्त्र विभाग में 6000 ग्राफ्टेड पौधे लहलहा रहे हैं। वहीं, स्टेट फारेस्ट रिसर्च सेंटर में हजारों की संख्या में पौधे सहेजे गए हैं। जो जल्दी ही हरी-भरी संस्कारधानी बनाएंगे
पौधों की कई किस्म
इमलिया नर्सरी में आम (दशहरी, लंगड़ा , आम्रपाली, चौसा) के हजार ग्राफ्टेड पौधे। छह हजार बीजू पौधे जिन पर इस वर्ष ग्राफ्टिंग व बडिंग की जाएगी। अमरूद (अलाहबादी सफ़ेदा, लखनऊ 49, धारीदार, एप्पल गुआवा), के 1500 गूटी से तैयार पौधे व बीजू 200 , नींबू (कागज़ी), 800 गूटी से तैयार पौधे और बीजू 200 , अनार (भगवा, मृदुला,गणेश) 300 गूटी व कटिंग से तैयार पौधे, सीताफल (बालानागर, अर्का सहान) 100 ग्राफ्टेड व बीजू 200 , अंजीर ( पूना फिग )250, , पपीते 200 , कटहल 100 , करौंदा 600 , मीठी नीम 600 , इमली 1300 , आंवला 550 बीजू , मुनगा 300, जामुन 150 बीजू के पौधे तैयार हैं।