
neem ke fayde in hindi
जबलपुर। प्रदेश सरकार हर साल की तरह इस बार भी जुलाई में पौधरोपण कार्यक्रम चलाएगी। इसके माध्यम से पूरे प्रदेश में जगह जगह पौधरोपण होगा। किंतु इस बार पौधरोपण में एक खास वृक्ष को लगाने का लक्ष्य रखा गया है। ये जादुई पौधा माना जाता है। इसे लगाने से न केवल प्राकृतिक संतुलन सुधरेगा बल्कि बीमारियों से भी निजात मिलेगी। इस पौधे को लगाने के लिए बैठकों में अधिकारियों को निर्देशित भी किया जा रहा है।
about- 1 से 15 जुलाई तक रोपे जाएंगे पौधे, ज्यादा होंगे नीम
पौधरोपण का अभियान 1 से 15 जुलाई तक चलेगा। नीम बीजरोपण व सुरक्षित पौधरोपण के लिए अभी से काम शुरू कर दिया जाए। ये निर्देश सम्भागायुक्त आशुतोष अवस्थी ने सोमवार को बैठक में दिए। उन्होंने कहा जुलाई के पहले पखवाड़े में गांव-गांव में अभियान चलाकर स्कूल-आंगनबाड़ी और अन्य शासकीय परिसरों में प्रत्येक में आठ छायादार पौधे रोपे जाएंगे। उन्होंने कहा कि पौधरोपण में सरकारी तंत्र के अलावा गैर सरकारी संगठन की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। हर व्यक्ति को सहभागिता करनी होगी।
सम्भागायुक्त ने निर्देशित कि या कि हर गांव में ग्राम पंचायत द्वारा न्यूनतम 50 किलो नीम बीज का रोपण किया जाए। प्रत्येक कार्यालय, शाला भवन, पंचायत, छात्रावास, आंगनबाड़ी, पशु औषधालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, पटवारी, राजस्व निरीक्षक के शासकीय भवनों, आवासों तथा अन्य शासकीय भवनों के परिसर में मटका थिम्बक सिंचाई पद्धति से पौधरोपण किया जाए। सम्भागायुक्त ने कहा ग्राम पंचायत द्वारा गांव के ज्यादा से ज्यादा परिवारों के घर के आसपास पांच-पांच फ लदार पौधों का रोपण कराया जाए। ग्राम में पांच स्थानों पर त्रिवेणी पौधों पीपल, बरगद और नीम का रोपण और संरक्षण किया जाए। उन्होंने नर्मदा बेसिन में पौधरोपण की तैयारी शुरू करने निर्देशित किया। अभियान के तहत नीम बीजरोपण से शुरुआत की जाए। हर ग्राम पंचायत को 50-50 किलो निम्बोली एकत्रित करनी होगी।
नीम के पेड़ के फायदे-
जल जाने पर- अगर आप खाना बनाते वक्त या किसी दूसरे कारण से अपना हाथ जला बैठी हैं तो तुरंत उस जगह पर नीम की पत्तियों को पीसकर लगा लें. इसमें मौजूद एंटीसेप्टिक गुण घाव को ज्यादा बढ़ने नहीं देता है.
कान दर्द में- अगर आपके कान में दर्द रहता है तो नीम का तेल इस्तेमाल करना काफी फायदेमंद रहेगा. कई लोगों में कान बहने की भी बीमारी होती है, ऐसे लोगों के लिए भी नीम का तेल एक कारगर उपाय है.
दांतों के लिए - कुछ वक्त पहले तक नीम की दातुन, ब्रश की तुलना में ज्यादा लोकप्रिय थी. एक ओर जहां दांतों और मसूड़ों की देखभाल के लिए हम तरह-तरह के महंगे टूथपेस्ट इस्तेमाल करते हैं वहीं नीम की दातुन अपने आप में पर्याप्त होती है. नीम की दातुन पायरिया की रोकथाम में भी कारगर होती है.
बालों के लिए भी है फायदेमंद- नीम एक बहुत अच्छा कंडीशनर है. इसकी पत्तियों को पानी में उबालकर उसके पानी से बाल धोने से रूसी और फंगस जैसी समस्याएं दूर हो जाती हैं.
फोड़े और दूसरे जख्मों पर लगाने के लिए- कई बार ऐसा होता है कि खून साफ न होने की वजह से समय-समय पर फोड़े हो जाते हैं. ऐसे में नीम की पत्ती को पीसकर प्रभावित जगह पर लगाने से फायदा होगा. साथ ही इसके पानी से चेहरा साफ करने पर मुंहासे नहीं होते हैं.
Published on:
29 May 2018 12:21 pm
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