
Narmada ashtakam
जबलपुर। मां नर्मदा जिसका नाम लेने मात्र से ही मनुष्य के कष्ट दूर हो जाते हैं। इसकी सेवा पूजा स्वयं के साथ कुल कुटुंब को भी तार देती है। मां नर्मदा का गुणगान शायद ही कोई ना करता हो। जबलपुरवासियों के लिए मां नर्मदा महत्वपूर्ण अंग होने के साथ ही प्रथम स्मरणीय मानी जाती है। सुबह से लेकर देर रात तक नर्मदा भक्त माता के दर्शन पूजन को पूछते रहते हैं।
बुधवार शाम को मां नर्मदा तट ग्वारीघाट के सिद्ध घाट में उमा घाट में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें नर्मदा प्रदूषण पर नर्मदा चिंतकों द्वारा बनाई गई एक लघु फिल्म का लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर नन्हीं बालिकाओं द्वारा मां नर्मदा अष्टक की नृत्य प्रस्तुति दी गई। जिसे देख कर लोग अभिभूत हो गए। मात नर्मदे हर के जयकारों से समूचा घाट गूंजा। हर तरफ नर्मदा नर्मदा भक्त ऐसे अभिभूत हुए के बालिकाओं में ही नारी का स्वरूप देखने लगे। सुसज्जित बालिकाओं ने मां नर्मदा अष्टक के एक-एक शब्द पर ऐसी भाव-भंगिमाओं की प्रस्तुति देखने वाले भी हैरत में पड़ गए।
जिसने भी देखा यही कहता रहा एक बार और मां नर्मदा के दर्शन हो जाए। मां नर्मदा के तट पर प्रत्यक्ष मां नर्मदा प्रकट हो गई। कुछ ऐसा ही भाव लिए मां नर्मदा अष्टक का नृत्य रूप प्रस्तुत किया गया। नृत्यांजलि संस्था की छात्राएं डॉक्टर शैली धोपे के निर्देशन में नर्मदा अष्टक की प्रस्तुति दे रही थी। इसके बाद कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ और मुख्य अतिथियों के गणमान्य नागरिकों द्वारा लघु फिल्म का विमोचन का लोकार्पण किया गया।
जिसमें बताया गया कि नर्मदा भक्तों सहित अन्य लोगों द्वारा जाने अनजाने में नर्मदा को प्रदूषित किया जा रहा है। लोगों को चेतना होगा और मां नर्मदा को प्रदूषण से बचाने के लिए भी प्रेरित किया गया। शैली धोपे ने बताया कि उनकी प्रस्तुति के बाद लोगों ने एक बार और एक बार और के लिए प्रस्तुति की बात कही लेकिन समय अभाव के चलते नहीं हो सका। नर्मदा अष्टक की प्रस्तुति पिछले 15 दिन की तैयारी की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में नर्मदा भक्त मौजूद थे।
Published on:
26 Oct 2017 03:28 pm
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