27 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एमपी हाईकोर्ट का फैसला..शादी के झूठे वादे पर रेप का दावा नहीं कर सकती विवाहिता

MP High Court decision: शादीशुदा महिला ने पड़ोसी युवक पर लगाया था दुष्कर्म का आरोप, हाईकोर्ट ने युवक के खिलाफ दर्ज रेप केस को खारिज किया..।

2 min read
Google source verification
mp high court

MP High Court decision: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा है कि शादीशुदा महिला शादी के झूठे वादे पर रेप का दावा नहीं कर सकती है। इतना ही नहीं कोर्ट ने शादीशुदा महिला के द्वारा पड़ोसी युवक पर दर्ज कराए गए रेस केस को भी खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने दायर याचिका की सुनवाई करते हुए ये बात कही है।

एक शादीशुदा ने पड़ोसी युवक पर शादी का झूठा वादा कर रेप करने की शिकायत दर्ज कराई थी। जिसके खिलाफ छतरपुर के रहने वाले याचिकाकर्ता की तरफ से एक याचिका हाईकोर्ट में दायर की गई थी। इसमें कहा गया था कि महिला ने उसके खिलाफ बड़ा मल्हार थाने में रेप की एफआईआर दर्ज करवाई है। युवक के वकील ने बलात्कार के मामले में सुप्रीम कोर्ट की तरफ से पारित आदेश का हवाला देते हुए बताया कि विवाहित महिला यह आरोप नहीं लगा सकती थी कि रिलेशन बनाने की सहमति किसी तरह का झूठा वादा करके ली गई थी।


यह भी पढ़ें- 24 साल की साली के कमरे में पहुंचा जीजा तो देखकर रह गया दंग…


मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने दायर याचिका की सुनवाई करते हुए बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि शिकायतकर्ता महिला विवाहित है। इसलिए शादी का झूठा वादा कर शारीरिक संबंध के लिए सहमति को तथ्यों की गलत धारणा के दायरे में नहीं लाया जा सकता है। शिकायतकर्ता ने एफआईआर में बताया है कि पिछले 3 महीनों से पड़ोस में रहने वाले युवक से उसके संबंध थे। जब भी पति बाहर जाता तो युवक उसके घर आता था और उनके बीच शारीरिक संबंध होते थे। इसलिए यह नहीं कहा जा सकता है कि महिला ने किसी गलत धारणा के तहत रिलेशन के लिए सहमति दी थी। कोर्ट ने युवक को दोषमुक्त करते हुए दर्ज एफआईआर को निरस्त करने के आदेश दिए हैं।


यह भी पढ़ें- एमपी में पति देखता रहा पटवारी बनने के सपने और बीवी कर गई बड़ा कांड…