5 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

catch_icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

3 रुपए में मिल रही 70- 80 वाली जबलपुर की मीठी मटर

जबलपुर की मटर अपनी मिठास के लिए फेमस है। यही कारण है कि देशभर में इसकी डिमांड है। हालांकि इस बार मटर किसान कुछ परेशान हैं। मटर की कीमत एकाएक कम हो जाने से उन्हें नुकसान हो रहा है। 80 रुपए तक पहुंची मटर की कीमत मंडी में महज 3 रुपए पर आ गई थी। किसानों ने इसका विरोध करते हुए नाराजगी भी जताई जिसके बाद मंडी व्यापारियों और आढ़तियों का भी विरोध सामने आया है।

2 min read
Google source verification
pea.png

जबलपुर की मटर

जबलपुर की मटर अपनी मिठास के लिए फेमस है। यही कारण है कि देशभर में इसकी डिमांड है। हालांकि इस बार मटर किसान कुछ परेशान हैं। मटर की कीमत एकाएक कम हो जाने से उन्हें नुकसान हो रहा है। 80 रुपए तक पहुंची मटर की कीमत मंडी में महज 3 रुपए पर आ गई थी। किसानों ने इसका विरोध करते हुए नाराजगी भी जताई जिसके बाद मंडी व्यापारियों और आढ़तियों का भी विरोध सामने आया है।

लोगों को जबलपुर की मशहूर मटर के लिए कुछ दिक्कतें हो सकती हैं। दरअसल जबलपुर कृषि उपज मंडी में हरे मटर की खरीदी बंद कर दी है। व्यापारी और आढ़तियों ने गुरुवार रात बैठक कर यह निर्णय लिया। मटर की खरीदी अनिश्चित काल के लिए बंद की गई है। इससे जहां किसानों की मुसीबत बढ़ सकती है वहीं आमजनों को भी अच्छी मटर नहीं मिलेगी।

मटर की खरीदी को लेकर किसानों के आक्रोश के बाद व्यापारी और आढ़तियों ने विरोध शुरु किया है। व्यापारियों का कहना है कि कोई भी आकर कृषि उपज मंडी बंद कर देता है। उनकी कोई सुरक्षा नहीं है। दो दिन तक किसानों ने मंडी के गेट पर ताला लगाए रखा, इससे उनका खरीदा हुआ माल खराब हो गया। ऐसे में करोड़ों रुपए का नुकसान उठाना पड़ा।

व्यापारियों के अनुसार उन्हें मटर खराब होने का कोई मुआवजा नहीं दिया गया। जबकि प्रशासन की तरफ से किसानों को प्रतिबोरी 700 रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की गई है।

कृषि उपज मंडी व्यापारी संघ के संरक्षक इंद्रेश दुबे ने बताया कि वे सुरक्षा चाहते हैं। किसानों के आक्रोश के समय दो दिन तक जिला प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर पाया। इससे मटर के साथ सब्जी और फलों का भी नुकसान हुआ।

इसलिए व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि जब तक उनकी सुरक्षा को लेकर पुख्ता कदम नहीं उठाए जाते, तब तक मटर की खरीदी बिक्री का काम कृषि उपज मंडी में बंद रहेगा। व्यापारियों के इस निर्णय से ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले मटर की बिक्री प्रभावित हो सकती है।

क्या है मामला
मटर के दाम एकाएक गिर गए। 70 से 80 रुपए किलो बिक रही मटर के लिए व्यापारी महज 3 रुपए दे रहे थे। इससे किसान गुस्सा उठे और उन्होंने प्रदर्शन किया। किसानों को मुआवजा देने की घोषणा की गई लेकिन व्यापारियों का भी नुकसान हुआ। अब व्यापारी इसकी भरपाई और सुरक्षा चाहते हैं।

400 करोड़ का कारोबार
जबलपुर हरे भरे और मीठे मटर के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। जिलेभर में 40 हजार हेक्टेयर में मटर उगाई जाती है। यहां मटर से किसान हर साल करीब 400 करोड़ रुपए कमाते हैं।

यह भी पढ़ें: शिखर पहाड़िया के साथ महाकाल की पूजा करने पहुंची जान्हवी कपूर