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यहां हैं सुल्तान सलमान और राहुल गांधी सरीखे बैचलर, आप भी जानें

ब्राम्हण समाज के लड़के रह जाते हैं कुंवारे, बेरोजगारी और आर्थिक तंगी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में बन रही यह स्थिति

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neeraj mishra

Jun 28, 2016

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जबलपुर। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और बॉलीवुड स्टार सलमान खान को देश का मोस्ट इलिजेबल बैचलर माना जाता है। दोनों ने अभी तक शादी नहीं की है, जबकि ये चालीस की उम्र पार कर चुके हैं। ऐसे ही कुछ बैचलर जबलपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। जहां युवकों की उम्र 40 पार कर गई है और इनकी शादी नहीं हुई है। पटोरी, सुहास, अमगवां देवरी, बरगी ऐसे गांव हैं जहां युवकों की शादी नहीं हो रही है। लड़की वालों का कहना है कि वे बेरोजगार लड़कों के साथ अपनी लड़की नहीं ब्याह सकते।

बहका देते हैं गांव वाले
इन गांवों में अधिकांश युवक बेरोजगार हैं। इनके पास रोजगार के नाम पर महज कृषि व्यवसाय है। कुछ युवक बाहर जाकर नौकरी भी करते हैं, इसके बाद भी उनकी शादी नहीं हो रही। पटोरी गांव के 42 वर्षीय राजेश तिवारी ने बताया कि सक्षम होने के बाद भी उनकी शादी नहीं हो रही। इसकी मुख्य वजह यह है कि गांव के अन्य लड़कों की शादी नहीं हुई है। इससे वे अन्य लड़कों की भी शादी नहीं होने देना चाहते। यदि कोई लड़की वाला गांव में आता है तो दूसरे लोग उसे बहका देते हैं।

गांव में शादी नहीं
आर्थिक रूप से सक्षम होने के बाद भी युवकों की शादी नहीं हो रही है। गांव में अच्छी जमीन होने के बाद भी युवक कुंवारे हैं। दरसल इसके पीछे यह कारण माना जा रहा है कि वर्तमान दौर की लड़कियां केवल शहरों में रहना चाहती हैं। इससे अभिभावक भी उनकी इच्छा का सम्मान करके गांव में शादी नहीं करते। सौ एकड़ से भी अधिक भूमि होने के बाद भी लड़के कुवांरे रह जाते हैं।

लिंग भेद मुख्य वजह
समाजशास्त्री डॉ धु्रव दीक्षित का कहना है कि गांवो में यह स्थिति लिंग भेद के कारण उत्पन्न हो रही है। पुरूषों के अनुपात में महिलाओं की संख्या कम है। इसलिए बहुत से लड़के कुंवारे रह जाते हैं। कुपोषण के आंकड़ों को देखा जाए तो उससे साफ जाहिर होता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेटियां अधिक कुपोषित हैं। इसका मुख्य कारण बेटों की चाह है। यदि यह सिलसिला खत्म नहीं हुआ तो लिंगानुपात विस्फोटक स्थिति में पहुंच जाएगा।

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