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अजब गजब घोटाला : यहां रातों रात वेयरहाउस से गायब हो गया 2 हजार क्विंटल गेहूं

अरिहंत वेयरहाउस के संचालक और कर्मचारियों पर लगभग 50 लाख रुपए के गेहू का घोटाला करने का आरोप है। प्रशासन ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है।

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Wheat scam in jabalpur arihant warehouse

अजब गजब घोटाला : यहां रातों रात वेयरहाउस से गायब हो गया 2 हजार क्विंटल गेहूं

एक तरफ बारिश के दिनों में वेयरहाउस में रखा अनाज खराब होने का सिलसिला लगातार सामने आता रहता है तो वहीं अब सूबे के जबलपुर जिले में स्थित एक वेयरहाउस में बड़ा घोटाला सामने आया है। अरिहंत वेयरहाउस के संचालक और कर्मचारियों पर लगभग 50 लाख रुपए के गेहू का घोटाला करने का आरोप है। संचालक, समिति प्रबंधक और उनके कर्मचारियों ने कुछ महीनों के भीतर ही खरीदे गए गेहूं में से लगभग 2 हजार क्विंटल गेहूं गायब कर दिया है। यही नहीं, यहां करीब 10 लाख रुपए की खाद का भी हिसाब नहीं मिल रहा है। फिलहाल मामला सामने आने के बाद जांच शुरु कर दी गई है।

जिले के अरिहंत वेयरहाउस संचालक और वहां के कर्मचारियों पर करीब 50 लाख रुपए का गेहूं घोटाला करने का आरोप है। इस संबंध में मध्य भारत मोर्चा संगठन की ओर से जिले के अंतर्गत आने वाले शहपुरा के पिपरिया कला गांव में स्थित अरिहंत वेयरहाउस के संचालक के खिलाफ कलेक्ट्रेट में शिकायत की है। शिकायत के अनुसार, वेयर हाउस संचालक, समिति प्रबंधक और उनके कर्मचारियों ने बीते कुछ महीनों में हुई समर्थन मूल्य पर खरीदी का गेहूं गायब करते हुए लाखों रुपए का हेरफेर कर दिया है।

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वेयरहाउस से कहां गायब हो गया 2 हजार क्विंटल गेहूं ?

मध्यभारत मोर्चा के सदस्यों का आरोप है कि, वेयरहाउस संचालक और उनके कर्मचारियों ने ना सिर्फ अनाज भंडारण में लापरवाही की है, बल्कि खाद सप्लाई में भी गड़बड़ की है। यही कारण है कि, गोडाउन में रखे स्टॉक और खरीदे गए गेहूं के आंकड़ों में इतना बड़ा अंतर आ रहा है। फिलहाल गोदाम से तकरीबन 2 हजार क्विंटल गेहूं गायब है और 10 लाख रुपए से ज्यादा के खाद का हिसाब भी नहीं मिल रहा है। शिकायत पत्र में लगाए गए आरोप के अनुसार, वेयरहाउस संचालक समेत सबंधित लोगों ने दस्तावेजों में भी फेरबदल किया है।

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मिला जांच का आश्वासन

प्रशासन के बार-बार नोटिस देने के बावजूद समिति प्रबंधक आशीष तिवारी, मुन्नालाल बरकड़े, विक्रेता मुकेश वाजपेई, सहकारिता विस्तार अधिकारी नितिन मेहरा प्रशासन के समक्ष रिकॉर्ड पेश नहीं कर रहे हैं। फिलहाल, अब जिला प्रशासन मामले की जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दे रहा है।