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कॉल ड्राप से निजात को एक लाख टावर लगाएंगी मोबाइल कंपनियां

सरकार के साथ पिछली बैठक में मोबाइल आपरेटर्स ने सौ दिनों में 60 हजार टावर लगाने का वादा किया था

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Sunil Sharma

Jul 26, 2016

mobile tower

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नई दिल्ली। संचारमंत्री मनोज सिन्हा के साथ सोमवार को हुई टेलीकॉम ऑपरेटर्स की बैठक में ऑपरेटर्स ने भरोसा दिलाया कि अगले 100 दिन में कॉल ड्रॉप की समस्या काबू कर ली जाएगी। सरकार के साथ पिछली बैठक में आपरेटरों ने सौ दिनों में 60 हजार टावर लगाने का वादा किया था। 45 दिनों में ही उन्होंने 48 हजार टावर लगा डाले हैं। मनोज सिन्हा के अनुसार आपरेटरों का अब तक का निष्पादन संतोषजनक रहा है। लेकिन इसका असर सेवाओं पर दिखाई देना चाहिए। केवल कॉल ड्रॉप ही नहीं, बल्कि डाटा सेवाओं में भी राहत महसूस होनी चाहिए।



गौरतलब है कि वर्तमान में भारत इंटरनेट स्पीड के मामले में दुनिया के अन्य देशों के मुकाबले बहुत पीछे है जबकि प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम की सफलता के लिए स्पीड जरूरी है। मीटिंग में टेलीकॉम कंपनी ऑपरेटर्स ने सरकार से वायरलेस सेवाओं के लिए 71-76 तथा 50 गीगा ह‌र्त्ज वाली स्पेक्ट्रम की नई फ्रीक्वेंसियां आवंटित करने का आग्रह भी किया। इन पर चलने वाली वायरलेस सेवाओं की स्पीड आप्टिकल फाइबर की तरह 1 गीगा बाइट प्रति सेकंड तक होती है। जवाब में सिन्हा ने कहा कि सितंबर में होने वाले स्पेक्ट्रम आवंटन से स्पेक्ट्रम की कमी पूरी हो जाएगी।इस बीच सरकार दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ट्राई के उस प्रस्ताव का अध्ययन कर रही है जिसमें ग्राहकों की शिकायतों के समाधान की मौजूदा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए ट्राई के अधिकार बढ़ाने का सुझाव दिया गया है।


सेल्युलर आपरेटर्स एसोसिएशन आफ इंडिया (सीओएआइ) के महानिदेशक राजन एस मैथ्यूज ने बैठक के बाद कहा कि चूंकि आप्टिकल फाइबर बिछाने की अनुमति मिलना कठिन है। लिहाजा हमने नई फ्रीक्वेंसी मांगी हैं। आप्टिकल फाइबर बिछाने के लिए सरकार देश भर में अनुमति व शुल्क के एक समान नियम लागू करने पर काम कर रही है।




टेलीकाम कंपनियों ने सरकार ने स्पेक्ट्रम खरीद के लिए दी जाने वाली किस्तों पर ब्याज दर घटाने और आरबीआइ के अनुरूप करने का अनुरोध भी किया है।संचार मंत्री का पदभार संभालने के बाद मनोज सिन्हा की मोबाइल कंपनियों के साथ यह पहली बैठक थी। लेकिन जहां तक कॉल ड्राप का प्रश्न है तो सरकार के साथ मोबाइल कंपनियों की यह दूसरी मीटिंग थी। मीटिंग में भारती एयरटेल, वोडाफोन, आइडिया, रिलायंस, टेलीनॉर के प्रमुख अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इससे पहले जून में सरकार ने मोबाइल कंपनियों के साथ बैठक की थी।

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