
पहले घर भेजे, फिर इस्तगासा पेश किया, अब ई चालान वसूली में सफल नहीं हुए तो अब चौराहों पर घेर रहे
इंदौर. चौराहों पर ट्रैफिक की कुछ भी स्थिति हो लेकिन वहां तैनात पुलिसकर्मी का पूरा ध्यान वाहनों को रोकने और उनकेे ई चालान की स्थिति देख वसूली करने पर है। पुलिस ने नियम तोडऩे वालों के ई चालान बनाकर पहले निजी कंपनी और फिर डाक विभाग के जरिए घर-घर पहुंचाए लेकिन वसूली नहीं कर पाए। फिर सख्ती दिखाते हुए कोर्ट में इस्तगासा पेश किया। इससे भी स्थिति नहीं सुधरी तो अब चौराहों पर घेरकर राशि वसूली जा रही है।
पलासिया चौराहे पर शुक्रवार दोपहर 3 बजे सूबेदार कासिम रिजवी की टीम चेकिंग कर रही थी। नियम तोडऩे पर गाडिय़ों को रोका, ट्रैफिक मैनेजमेंट सेंटर पर गाड़ी का नंबर भेजकर पेडिंग ई चालान की जानकारी मांंगी। एक बाइक बिना अनुमति मॉडिफाई करने पर रोका और जांचा तो एक ई चालान पेडिंग मिला। गाड़ी को जब्त कर लिया।
रीगल तिराहे पर तैनात एएसआइ व महिला सिपाही भी साइड में खड़े होकर नियम तोडऩे वाले को ताक रहे थे और जैसे ही किसी ने नियम तोड़ा उसे घेर लिया। शहर के लगभग हर चौराहें पर यह स्थिति नजर आती है। नियम तोडऩे वाली की गाड़ी के पेडिंग ई चालान देखे जाते है और अगर व राशि नहीं जमा करें तो गाड़ी जब्त।
वसूली बढ़ाने कई जतन कर चुकी पुलिस
- 2014-15 में ई चालान शुरू हुए। शुरुआत में 2 लाख ई चालान हर साल बनते थे। पुलिस 500 रुपए चालान व घर पहुंच सेवा के 25 रुपए चार्ज करती थी।
- निजी कंपनी की मदद से घर-घर ई चालान पहुंचाए लेकिन नोटिफिकेशन नहीं होने से लोगों ने जमा करने में रुचि नहीं दिखाई। 4-5 प्रतिशत ही रिकवरी हो पाती।
- तत्कालीन एएसपी प्रशांत चौबे ने सख्ती दिखाते हुए ई चालान का इस्तगासा कोर्ट में पेश करना शुरू किया लेेकिन प्रक्रिया लंबी होने से यहां भी सफल नहीं पो पाए।
- डीसीपी महेशचंद्र जैन की टीम ने सख्ती शुरू की है। अब चौराहे पर पुलिस वाहन रोककर पेडिंग चालान तलाशती है। राशि जमा की तो ठीक नहीं तो गाड़ी जब्त कर लेते है।
बस के 30 तो कार को 20 ई चालान
शहर के 28 चौराहे पर आरएलवीडी सिस्टम केे कैमरे लगे है। जैसे ही वाहन रेड लाइट में स्टॉफ लाइन से आगे आता है तो उसका ई चालान बन जाता है। पिछले दिनों महू उपनगरीय बस को रोका तो पता चला कि उसके 30 ई चालान पेडिंग हैै। 15 हजार रुपए जमा करने पर ही बस को छोडा। गीता भवन चौराहे पर रेड सिग्नल तोडने पर कार को रोका तो चालक ने ऑफिस जल्द पहुंचने की वजह बताकर माफी मांगी। चेक किया तो पता चला कि पहले के भी 20 ई चालान है। गाड़ी को जब्त कर लिया। कई दोपहिया वाहनों के भी 10 से 15 ई चालान पेडिंग मिले और कार्रवाई हुई।
सख्ती ऐसी की कई गुना बढ़ गया जुर्माना
पुलिस ने ई चालान को लेकर जबरजस्त सख्ती की। कई लोगों ने विरोध किया लेकिन उनकी नहंीं चली। जहांं वसूली 5 से 10 प्रतिशत तक होती थी वहीं इस साल बढ़कर 32 प्रतिशत हो गई है।
तीन साल में ई चालान की तुलनात्मक स्थिति
वर्ष -ई नोटिस -शमन शुल्क -भुगतान प्रतिशत
2020 133567 -3297250 -5.14 प्रश
2021 138382 -7526450 -11.08 प्रश
2022 (अप्रैल तक) 317406 -7202050 -31.55 प्रश
जागरुकता के साथ कर रहे ई चालान की वसूली
डीसीपी महेशचंद्र जैैन के मुताबिक, वाहन चालकों को ट्रैफिक नियम पालन करने के लिए जागरुक किया जा रहा है। नियम तोडऩे वालों पर सख्ती भी करते है। जो नियम तोड़ते हुए पकड़ाता है, उसके ही पेडिंग चालान निकलाते है। बारिश में तो ट्रैफिक का सारा जोर व्यवस्था बनाने में है, चालान की कार्रवाई को शिथिल किया है।
मोटर व्हीकल एक्ट में कोई उल्लेख नहीं
अभिभाषक मनीष यादव के मुताबिक, मोटर व्हीकल में ई चालान का कोई उल्लेख नहीं है। पुलिस व्यवस्थाओं के लिए तहत सख्ती कर रही है जो गलत है।
Published on:
27 Aug 2022 05:33 pm
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