
डॉ. आंबेडकरनगर (महू). इंदौर के पास बामनिया कुंड में नृशंस हत्याकांड का मामला सामने आया है। पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मामले में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपियों ने वारदात कबूल कर ली है और पुलिस को शक है कि इन लोगों ने इस तरह के और भी कई अपराध किए हैं जो ये अभी कबूल नहीं रहे हैं। फिलहाल पुलिस इस मामले में पूछताछ कर रही है और कुछ अन्य संदिग्धों को तलाशने में जुटी हुई है।
पुलिस ने बताया कि बामनिया कुंड घूमने गया कपल गुंडों के चंगुल में फंस गया। गुंडों ने पहले इनका पूरा सामान लूटा और फिर दोनों के कपड़े उतार दिए। लड़की की हत्या से पहले दुष्कर्म की आशंका भी जताई जा रही है। माना जा रहा है कि दुष्कर्म के प्रयास में फेल होने के बाद इन गुंडों ने लड़की की हत्या की और फिर लड़के को भी मार दिया। इसके बाद दोनों को गहरी खाई में फेंक दिया। पुलिस को दोनों के कंकाल पत्थरों के नीचे दबे मिले हैं।
छह महीने पहले की घटना, अब हुआ खुलासा
6 माह पहले मेहंदी कुंड में घूमने जाने के बाद से लापता युवक-युवती की उसी दिन बदमाशों ने लूटपाट के बाद हत्या कर दी थी। मंगलवार सुबह बामनिया कुंड के पास गहरी खाई में कंकाल पत्थर के नीचे दबे मिले। चार बदमाशों ने उनके कपड़े उतवाए, नकदी मोबाइल आदि लूटा और खाई में फेंक दिया।
फिर चेहरा कुचलकर शव पत्थरों में दबा दिए। पुलिस गुमशुदगी दर्ज कर भूल गई, लेकिन चोरी के एक मामले में पूछताछ में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गिरोह का सरगना फरार है। यह गिरोह पर्यटकों को बंधक बनाकर लूट की वारदातें करता था।
दोनों को पहाड़ी से नीचे फेंका और शव पत्थर से दबा दिए
एएसपी नागेंद्रसिंह ने बताया 6 नवंबर 2107 को कोदरिया की सरदार पटेल कॉलोनी निवासी श्रेया (19) पिता मनोज जोशी व धारनाका महूगांव निवासी हिमांशु पिता मुकेश सेन (19) मेहंदी कुंड में घूमने गए थे।
उस दौरान आरोपित बलराम मकावाना पिता नवलसिंह, अजय पिता कैलाश बारिया (16) निवासी बसी पिपरी, केशव पिता कालूसिंह बारिया (17) निवासी रुण्डा व ईश्वरसिंह भील पिता अनिल (25) निवासी कोदरिया ने दोनों को घेर लिया। डरा धमका कर बडिय़ा के जंगल में नकोड़ी कुंडी के पास ले गए। और उनसे 5200 रुपए नकदी, चेकबुक, आधार कार्ड, एटीएम सोने की चेन आदि लूट ली। फिर दोनों के कपड़े उतवाकर जला दिए और दोनों को पहाड़ी से नीचे फेंक दिया। इसके बाद नीचे पहुंचकर शवों को पत्थरों से कुचल कर उन पर पत्थर रखकर ढंक दिया।
हिमांशु के जूते और श्रेया के टिफिन बॉक्स और अंगूठी से परिजन ने की पहचान
छह माह बाद जब पूरे मामले की गुत्थी सुलझी तो पुलिस ने आरोपितों की निशानदेही पर जंगल में तलाश शुरू की। ड्रोन कैमरे का भी इस्तेमाल किया। जिसके बाद युवक-युवती के कंकाल पत्थर के नीचे दबे हुए मिले। मौके पर मिले युवक हिमांशु के जूते, युवती श्रेया का टिफिन बॉक्स, अंगूठी, चप्पल से परिजनों ने पहचान की।
बोरी में भरकर दोनों के कंकाल को ऊपर लाया गया। उधर, वारदात का मास्टरमाइंट ईश्वर भील अब भी गिरफ्त से दूर है। एएसपी ने बताया उसकी लोकेश प्रदेश से बाहर मिल रही है। साथ ही बताया इन आरोपितों से पिकनिक स्पाट्स पर हुई और भी वारदातों का खुलासा हो सकता है।
क्यों लिया मेरा नाम, फोड़ूंगा तुम्हारा भांडा
कुछ दिनों पहले चने से भरे वाहन की चोरी में पकड़ाए बलराम व उसके साथियों ने सतपाल नीनामा का भी नाम बता दिया था। इसके बाद सतपाल को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। जहां सतपाल ने बलराम से विवाद किया कि मेरा नाम क्यों लिया। अब मैं भी तुम्हारा भांडा फोड़ूंगा, जो तुमने मेहंदीकुंड में किया है।
यह सूचना पुलिस तक पहुंची और बलराम को पकडऩे के बाद उसे साथी अजय पिता कैलाश, गोविंद पिता प्रकाश, केशव को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया। जिन्होंने तीन माह पहले मेहंदीकुंड में घूमने आए छह युवक-युवती को बंधक बनाकर लूटने की वारदात कबूली। अधिक सख्ती करने पर छह माह पहले युवक-युवती की हत्या करना कबूला। वहीं, बडग़ोंदा टीआई हितेंद्रसिंह राठौर ने ज्यादा जानकारी देने से इनकार कर दिया।
Published on:
02 May 2018 11:25 am
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