5 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आपके लिए शिवानी दीदी के महत्वपूर्ण विचार-जरूर पढ़ें

शिवानी दीदी ने कहा-धन से सामान आता है, दुआओं से खुशी

2 min read
Google source verification

इंदौर

image

Amit Mandloi

Nov 27, 2017

shivani didi

हजारों लोग हुए एकत्रित, नहीं हुआ जाम, न हुआ शोर, गजब का प्रबंधन किया प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय ने

इंदौर. प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की प्रख्यात वक्ता शिवानी दीदी ने रविवार शाम को बास्केट बॉल कॉम्प्लेक्स में लाइफ मैनेंजमेंट के गुर सिखाए। करीब १ घंटा ४५ मिनट चले आयोजन में २५०० से ज्यादा लोग मौजूद थे।
मैनेजमेंट एेसा था कि एक कील भी गिर जाए तो आवाज आ जाए। शिवानी दीदी ने अपने उद्बोधन से पहले ही छोटे बच्चे और उनके परिजनों को हॉल से बाहर कर दिया, ताकि किसी तरह का शोर न हो। दिनभर वाट्सअप पर बतियाने वाले लोग भी यहां मोबाइल बंद करके चुपचाप दीदी के विचार सुनते रहे। आम से लेकर खास तक हर कोई जमीन पर बैठ गया तो कोई गेट के पास ही खड़ा हो गया। कार्यक्रम खत्म हुआ तो दीदी ने एक-एक कर पंक्ति से लोगों को बाहर जाने का संकेत दिया। लोग भी बिना आवाज किए अपने घर रवाना हो गए। यहां होने वाले आयोजनों के बाद सडक़ पर जाम की स्थिति बन जाती है, लेकिन इस आयोजन में एेसा नहीं हुआ। यहां आए लोग लाइफ मैनेजमेंट के साथ आचरण भी सीख गए। पौने दो घंटे के इस आयोजन में शिवानी दीदी ने हर आयु वर्ग के लिए विचार रखे।


महिलाओं के लिए
शिवानी दीदी ने सकारात्मक ऊर्जा और शांत मन के लिए भेाजन को भी एक कारण बताया। उन्होंने कहा कि अगर घर में कोई बाहर से खाना बनाने आता है तो घर की महिलाएं कम से कम १० मिनट के लिए किचन में जरूर जाएं, क्योंकि खाना बनाने वाले के मन जो कुछ चल रहा है, उसकी ऊर्जा भोजन में भी पड़ती है। यह ऊर्जा तुरंत असर करती है, इसीलिए प्रसाद का महत्व है। प्रसाद हमेशा शांत और आध्यामिक मन से बना हुआ होता है। घर महिलाएं कोशिश करंे कि जो भी भोजन बना रही हैं, उसे प्यार और शांति से बनाएं, तभी वो सही मायने में सात्विक होगा।

युवाओं के लिए
इंटरनेट के चलते हमारे पास हर पल सूचनाएं आ रही हैं, जिससे मन दूषित हो रहा है और नकारात्मक ऊर्जा मिल रही है। सभी के फोन में वाट़्सअप, फेसबुक, यू-ट्यूब है। हमें तय करना होगा कि कौन सी सूचनाएं हमारे काम ही हैं और कौन सी नहीं। आज से ही प्रयोग करें, जो काम की सूचनाएं न लगंे, उन्हें बिना पढ़े ही डिलिट कर दें। सबसे पहले हमें कट-कॉपी-पेस्ट करना बंद करना होगा, क्योंकि जिसने यह मैसेज बनाया है, उसकी मनोस्थिति का असर मैसेज में होता है, जिसका असर हम भी पड़ता है। स्वपरिवर्तन से ही विश्व परिवर्तन संभव है।

पुरुषों के लिए

दीदी ने कहा कि हमंे पहले यह तय करना होगा कि धन किस तरह घर में आ रहा है। जिस धन में दर्द लगा हुआ है, वह धन किसी काम का नहीं है। एेसा धन नहीं कमाना है, क्योंकि धन से ही अनाज घर में आता है और उसका सेवन पूरा परिवार करता है। अगर धन गलत तरीके से आया है, तो असर पूरे परिवार पर होगा। धन कमाने का तरीका यह होना चाहिए, कि अपने से पहले दूसरे का फायदा देखो। कभी-कभी धन के साथ दुआएं भी कमाओ, क्योंकि धन से सामान आता है, और दुआओं से खुशी।