इंदौर. हमारे देश की आम जनता को पता लगना चाहिए कि उसने देश का प्रधानमंत्री नहीं चुना है, बल्कि विश्व नेता चुना है, जिसे दुनिया भर की समस्याएं सुलझाना है। हमारी संवैधानिक मजबूरी है कि हम एक ही प्रधानमंत्री विश्व को सप्लाई कर सकते हैं। काश, हम चार-पांच प्रधानमंत्री चुन लेते तब यह संभव होता कि उनमें से एक पीएम को हम देश के लिए रख लेते। संसार के देश तो चाहते हैं कि हमारा प्रधानमंत्री दुनिया भर में विश्व शांति पर भाषण दे पर प्रधानमंत्री पूरे साल देश से बाहर नहीं रह सकता। कभी लोकसभा का सत्र है तो कभी कश्मीर के चुनाव आ जाते हैं, तब प्रधानमंत्री को देश में लौटना पड़ता है।