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नोटबंदी के बाद: शहर के 768 खातों में जमा हुए 10 लाख से ज्यादा

30 दिसंबर तक प्रधानमंत्री गरीब कल्याण डिपॉजिट स्कीम का लाभ लेने के लिए दिया अल्टीमेटम।

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Narendra Hazare

Dec 24, 2016

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इंदौर। नोटबंदी के बाद सभी लोग यह जानना चाहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस फैसले के से आखिर क्या असर हुआ। जनता परेशान होती रही। लाइन में भी लगना पड़ा। राजनीति भी बहुत हावी रही लेकिन इन सब के बीच कुछ ऐसे चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए जिनमें बैंकों में बड़ी मात्रा में पुराने नोट जमा हुए हैं। केवल इंदौर शहर में ही करीब 650 से ज्यादा बैंक खातों में एक करोड़ रुपए से ज्यादा जमा हुए हैं। आयकर इंदौर के जोन प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर वीके माथुर ने शुक्रवार को दी जानकारी में कई खुलासे हुए।

आयकर विभाग के पास इंदौर प्रक्षेत्र के तकरीबन 768 बैंक खातों की जानकारी है जिनमें नोटबंदी के बाद 10 लाख रुपए से अधिक जमा हुए हैं। आयकर विभाग इंदौर जोन के प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर वीके माथुर ने शुक्रवार को यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि विभाग इनकी जांच कर रहा है। इसी बीच सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण डिपॉजिट स्कीम लागू की है।


इसमें कोई भी व्यक्ति अपना कालाधन जो कि नकद के रूप में रखा है, उसका खुलासा कर सकता है। इसके तहत कुल कालेधन पर 50 प्रतिशत कर एवं पेनल्टी का भुगतान करना होगा। इसके कालेधन की कुल 25 प्रशिशत राशि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत जमा करवाना होगी। यह राशि चार वर्ष बाद बगैर ब्याज के आयकरदाता को पुन: भुगतान कर दी जाएगी।

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यह है प्रक्रिया

> यदि आपके पास नकदी के रूप में 100 प्रतिशत कालाधन रखा है, तो आपको यह प्रक्रिया अपनाना होगी।
> आयकर की सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर बेंगलुरु में घोषणा पत्र फार्म 1 के रूप में फाइल करें।
> घोषणापत्र में बैंक, डाकघर, वित्तीय संस्थान अथवा अपने पास रखी नकदी की घोषणा करें।
> टैक्स, पेनल्टी की गणना करते हुए (30+33+10 प्रतिशत) इसे जमा करवाया जाए।
> टैक्स पेनल्टी में से 25 प्रतिशत राशि गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत राशि जमा होगी जो कि बांड के रूप में होगी। इसे चार वर्ष बाद आयकरदाता निकाल सकेंगे। हालांकि इस पर ब्याज नहीं मिलेगा। इस तरह से आयकरदाता को केवल 50 प्रतिशत ही टैक्स भरना है।
> पूरी राशि जमा होने के पश्चात आयकर विभाग आपको फार्म-2 जारी करेगा। इस फार्म को लेकर आपके आयकर क्षेत्र के प्रिंसिपल कमिश्नर के समक्ष इसे प्रस्तुत करें। (यदि जरूरी हो तो)

अंतिम मौका

आयकर प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर माथुर ने बताया कि कालाधन रखने वालों के लिए यह अंतिम मौका है। इसके अंतर्गत कालाधन केवल नकदी के रूप में ही खुलासा किया जा सकता है। इसमें अचल संपत्ति अथवा अन्य रूप में कालाधन की घोषणा स्वीकार्य नहीं है। 30 दिसंबर तक इस योजना के अंतर्गत लाभ लिया जा सकता है।


ऐसे हैं आंकड़े

350 खातों में प्रत्येक में 1 करोड़ रुपए से अधिक हुए जमा
768 खातों में प्रत्येक में 10 लाख से ज्यादा हुए जमा
500 जनधन खातों में कुल 100 करोड़ रुपए जमा
300 खाते ऐसे हैं जिनमें 10 करोड़ रुपए तक जमा किए गए
60 कॉऑपरेटिव बैंकों को दिए हैं नोटिस

v k mathur

14 दिन की योजना

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17 दिसंबर से लागू हुई यह योजना 30 दिसंबर तक ही लागू रहेगी। इस योजना में केवल वे ही लोग सम्मिलित हो सकते हैं, जिनके पास अघोषित कालाधन रखा हो। इसके अलावा टैक्स, सरचार्ज और पेनल्टी भुगतान करने के बाद ही इस स्कीम में घोषण पत्र दाखिल किया जा सकता है।

सवाल जवाब

प्रश्न: नकदी रखी है तो कैसे लाभ होगा?
उत्तर: यदि आपके पास कालाधन नकदी के रूप में रखा है तो आपको इसका लाभ मिल सकता है बशर्ते आपको टैक्स की पूरी राशि 30 दिसंबर तक जमा करवाना होगी।
प्रश्न: आयकर कार्यालय जाने की जरूरत होगी?

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उत्तर: इस योजना में आयकर विभाग की वेबसाइट पर जाकर ई-फाइलिंग के माध्यम से घोषणा पत्र फाइल कर सकते हैं। हालांकि घोषणा पत्र में जमा राशि का पूरा ब्योरा और टैक्स भुगतान की रसीदें भी लगाना होगी।
प्रश्न: कालाधन से यदि महंगे उत्पाद खरीद लिए हों ?
उत्तर: आपने यदि कालाधन से महंगे उत्पाद खरीद लिए हों तो इस स्कीम के अंतर्गत लाभ ले सकते हैं, बशर्ते आपको पूरी टैक्स की राशि नकदी में जमा करना होगी।
प्रश्न: क्या पुराने नोट में टैक्स जमा हो सकता है?
उत्तर: किसी भी बैंक शाखा में जाकर पुराने नोट (500 एवं 1000) के माध्यम से भी टैक्स, पेनल्टी एवं सरचार्ज की राशि जमा करवाई जा सकती है।

यह मिलेगा फायदा

> एक मुश्त टैक्स एवं पेनल्टी भरने के पश्चात संपूर्ण कालाधन सफेद हो सकता है।
> कानूनी कार्रवाई, पेनल्टी, ब्याज एवं अन्य तमाम सरचार्ज से मुक्त।
> 76 प्रतिशत में से 25 प्रतिशत राशि वापस चार वर्ष बाद मिलेगी।
> इस तरह से कुल टैक्स 50 प्रतिशत ही लगेगा।

इनसे लिए आंकड़े

> 5 लाख रुपए से अधिक कीमत के वाहन
> 30 लाख रुपए से अधिक की प्रॉपर्टी
> 8 नवंबर के बाद ज्वैलरी के खरीदारों की सूची
> 50 हजार रुपए से अधिक के मोबाइल, घडिय़ां या अन्य वस्तु

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