
कैलाश से हिंदूवादी नेता नाराज, हालात पक्ष में नहीं
इंदौर. भाजपा ने राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को एक नंबर विधानसभा से प्रत्याशी तो बना दिया, लेकिन परिस्थितियां अनुकूल नहीं हैं। उनके अचानक प्रकट होने से कइयों में नाराजगी है, जिसमें हिंदूवादी नेता भी शामिल हैं।
एक नंबर विधानसभा से भाजपा में एक दर्जन से अधिक दावेदार थे। इनमें से कुछ की पिछले चुनाव में भी दावेदारी थी, लेकिन पार्टी ने सुदर्शन गुप्ता को टिकट दे दिया था। दावेदारों की फेहरिस्त में शामिल हिंदूवादी संगठन से जुड़े नेताओं ने अपना प्रचार-प्रसार भी शुरू कर दिया था, लेकिन कैलाश के आने से इनके अरमानों पर पानी फिर गया। इससे कई हिंदूवादी नेता नाराज हैं, लेकिन उन्हें मालूम है कि नाराजगी जाहिर करने का यह सही समय नहीं है। आपत्ति दर्ज कराई तो विवाद की स्थिति बन सकती है। इसकी भनक कैलाश और उनकी टीम को भी लग गई थी, जिसके चलते वे एक हिंदूवादी नेता के घर पहुंचे। यहां एक नंबर निवासी दो अन्य हिंदूवादी नेताओं को भी बुलाया। इनमें से एक तो टिकट के दावेदार थे। तीनों नेताओं से काफी देर तक मंथन किया गया। बताते हैं कि कैलाश ने उन्हें मनाने की कोशिश की। हालांकि चर्चा के बाद ऐसे संकेत नहीं मिले, जिससे ये स्पष्ट हो सके कि वार्ता सफल रही या असफल हो गई।
अनुभव हैं खराब
खुद को बड़ा हिंदूवादी नेता बताने वाले कैलाश से हिंदूवादी संगठन के कई नेता नाराज रहते हैं। इसके पीछे उनके पुराने अनुभव हैं। धार भोजशाला आंदोलन के दौरान सरकार ने कैलाश को भेजा था। उन्होंने हिंदूवादी नेताओं पर ही लाठी चार्ज करवा दिया था। इसमें धार और इंदौर के कई लोग घायल हुए थे। अमरनाथ श्राइन बोर्ड विवाद में खजराना में दंगे के दौरान भी हिंदूवादी नेताओं ने उनकी भूमिका पर सवाल उठाए थे।
संघ नेताओं की कराई थी पिटाई
गौरतलब है कि 15 साल पहले कैलाश के घर प्रदर्शन करने की घोषणा करने वाले संघ नेताओं की उनके लोगों ने पिटाई कर दी थी। मार खाने वालों में प्रचारक स्तर के नेता थे। इनमें से कुछ नेताओं ने राजनीतिक दल तैयार कर लिया है, जो एक नंबर में प्रत्याशी खड़ा करेंगे।
Published on:
01 Oct 2023 05:52 pm
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