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इंडस्ट्रीयल टाउनशिप के लिए लैंड पुलिंग मॉडल पर सरकार सहमत, 500 एकड़ में लेगी आकार

प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए राज्य सरकार ने पीथमपुर में इंडस्ट्रीयल टाउनशिप के लिए लैंड पुलिंग मॉडल पर सहमति दे दी।

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इंदौर

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Hussain Ali

Jun 07, 2019

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इंडस्ट्रीयल टाउनशिप के लिए लैंड पुलिंग मॉडल पर सरकार सहमत, 500 एकड़ में लेगी आकार

इंदौर. प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए राज्य सरकार ने पीथमपुर में इंडस्ट्रीयल टाउनशिप के लिए लैंड पुलिंग मॉडल पर सहमति दे दी। यहां 500 एकड़ का पहला पायलेट प्रोजेक्ट आकार लेगा। इस मॉडल में जमीन मालिकों से अनुबंध कर बदले में जमीन की गाइड लाइन से दोगनी कीमत के आधार पर 20 फीसदी नगद और 80 फीसदी की कीमत के आवासीय प्लॉट दिए जाएंगे।

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वर्तमान में पीथमपुर में सिर्फ स्मार्ट इंडस्ट्रीयल पार्क में 40 से 50 उद्योगों के लिए जमीन हैं। इसके बाद इस क्षेत्र में नई जमीन की जरूरत होगी। नए भूमि अधिग्रहण कानून के बाद क्षेत्र के किसान बिना मुआवजे के जमीन देने को तैयार नहीं हैं। इस मॉडल पर सरकार व निवेशक दोनों के लिए मुश्किल होगी। पिछले सप्ताह हुई कैबिनेट की बैठक में निजी जमीन मालिकों से जमीन लेकर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए लैंड पुलिंग मॉडल पर सहमति बन गई हैं।

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मप्र औद्योगिक विकास निगम इंदौर के कार्यकारी निदेशक कुमार पुरुषोत्तम ने बताया, पायलेट प्रोजेक्ट के रुप में पीथमपुर में 500 एकड़ का एरिया लिया लिया जा रहा हैं। मॉडल किसानों से चर्चा के बाद ही तैयार किया है, जिसमें उनकी मांग को पूरा करने की कोशिश की है। निगम अपने पास औद्योगिक उपयोग के प्लॉट रखेगा और किसानों को नगद राशि और आवासीय प्लॉट देगा।

दूरस्थ क्षेत्रों में निवेशकों की रूचि नहीं

प्रदेश में कई निवेशकों की रूचि है, सुविधा-कनेक्टिविटी के अभाव के चलते सरकार द्वारा विकसित जिला स्तरीय औद्योगिक क्षेत्रों में नहीं जाना चाहते। यहां सबसे बड़ी परेशानी कुशल श्रमिक को लेकर है।

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इसके अलावा बिजली, पानी और ट्रांसपोर्टेशन की सुविधाएं भी कमतर होने से निवेशक नहीं आते हैं। सरकार ने इसी को ध्यान में रख इस मॉडल को मंजूरी दी हैं। यदि यह पायलेट प्रोजेक्ट सफल रहा तो दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर के लिए अधिग्रहण का रास्ता भी साफ हो जाएगा।