इस दौरान एमआइसी सदस्य बबलू शर्मा, एआइसीटीएसएल सीईओ दिव्यांक सिंह मौजूद थे। महापौर के मुताबिक अब शहर में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़कर 80 हो जाएगी। वर्तमान में इंदौर में सिटी रूट और बीआरटीएस मिलाकर 70 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं। धीरे-धीरे बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। शहर की आवश्यकता 900 बसों की है। इससे पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा।
फुल चार्ज में 300-350 किमी. चलेगी बस
बसें दक्षिण भारत के त्रिची से आई हैं जो सर्वसुविधायुक्त हैं। इनमें वॉल्वो बस की तरह एयर सस्पेंशन हैं। ई-बस में डबल चार्जर सिस्टम है। सिंगल चार्जर से अगर बस 6 घंटे में चार्ज होती है, तो डबल चार्जर से 3 घंटे में चार्ज हो जाएगी। फुल चार्ज होने पर 300 से 350 किमी तक चलेगी। सीटिंग, पिकअप और ब्रेक कंट्रोल सामान्य बसों से बेहतर है। बस में यह सुविधा
बसों का संचालन सिटी बस मार्ग क्र. एम-06, राजबाड़ा चौक से तेजाजी नगर चौराहे तक होगा जो भंवरकुआं होते हुए जाएगी। यह मार्ग 10.5 किमी है। यात्रियों के लिए 19 स्टॉप रहेंगे। बस वातानुकूलित के साथ सीसीटीवी कैमरे, पैसेंजर इनफॉर्मेशन सिस्टम से लैस होगी। महिला सुरक्षा को देखते हुए पैनिक बटन एवं एसओएस की सुविधा दी है। फायर सेपरेशन एवं अग्निशमन यंत्र भी रहेंगे।