इंदौर. पंचकुइया स्थित 300 साल पुराने भूतेश्वर महादेव मंदिर शमशान की भूमि पर है। मान्यता है, उनके सामने अंतिम संस्कार होने पर मुक्ति मिलती है। अहिल्या माता के समय का मंदिर है। नर्मदा से स्वयंभू शिवलिंग यहां स्थापित किया गया था। बाद में पंचकुइया मुक्तिधाम की भूमि के बीच से विकास के नाम पर रास्ता निकाल दिया। उसके बाद कई बार मुक्तिधाम की दीवार बनाने का प्रयास किया, लेकिन बार-बार गिर जाती थी। बाद में मुक्तिधाम की दीवार में बड़ी खिडक़ी और मंदिर में भोलेनाथ के सामने भी खिडक़ी बनाई गई उसके बाद ही दीवार पूरी हो पाई। आज भी अंतिम संस्कार भूतेश्वर महादेव के सामने होता है।