
जब शिवाजी के दरबार में आया बलात्कार का आरोपी मुखिया, सुनाई ऐसी सज़ा जिसके बारे में नहीं था किसी को अंदाज़ा
नई दिल्ली: हमारे देश में कई महान हिन्दू शासक हुए और इन्हीं में छत्रपति शिवाजीchatrapati shivaji का नाम सबसे पहले आता है। आज छत्रपति शिवाजी की पुण्यतिथिdeath anniversary है और इस मौके पर हम आपको शिवाजी के जीवन और उनके महान कार्यों के बारे में आपको बताने वाले हैं।
आपको बता दें कि छत्रपति शिवाजी का पूरा नाम शिवाजी राजे भोंसले था और उन्होंने बेहद ही कम उम्र में राज्य का कार्यभार संभाल लिया था। शिवाजी एक न्यायप्रिय और निर्भीक शख्यियत थे और उन्हें अपनी प्रजा से अत्यंत प्रेम था और वो कभी अपनी प्रजा का अहित होता हुआ नहीं देख सकते थे।
जब खतरनाक चीते को खुद ही मार गिराया था
आपको बता दें कि एक बार शिवाजी के राज्य में नरभक्षी चीता घुस आया था जिसने बहुत सारे बच्चों की जान ले ली थी। इस चीते की वजह से गांव village वाले खौफ में जीने को मजबूर हो गए थे और फिर उन लोगों ने इसकी जानकारी शिवाजी महाराज को दी। गांव वालों की बात सुनकर शिवाजी महाराज ने उन्हें दिलासा दिया और उनकी समस्या सुलझाने का भरोसा दिया।
इसके बाद शिवाजी महाराज अपने कुछ सैनिकों के साथ जंगल में निकल गए और चीते की तलाश शुरू कर दी। जैसे ही चीता सामने आया सैनिक डर गए लेकिन शिवाजी महाराज ने चीते पर हमला बोल दिया और उसे मार गिराया और जनता का डर भी खत्म कर दिया।
आज बलात्कार के आरोपी को दी सज़ा
शिवाजी महाराज बेहद ही बहादुर थे साथ ही वो महिलाओं की बेहद इज़्ज़त करते थे। एक बार उनके दरबार में किसी गांव के रसूखदार मुखिया को लाया गया जिसके ऊपर एक गरीब विधवा महिला के बलात्कार Rape का आरोप था। शिवाजी महाराज उस वक्त महज 14 साल के थे लेकिन उन्होंने तुरंत की एक ऐसा फैसला सुनाया जिसने दरबार में सभी के होश उड़ा दिए। दरअसल शिवाजी ने इस शख्स के हाथ और पैर काटने का आदेश दिया जिससे ये शख्स दोबारा किसी महिला के साथ ऐसी हरकत ना कर पाए साथ ही अपराधियों को इससे सबक भी मिले।
Published on:
03 Apr 2019 01:08 pm
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