
21 बहादुर सैनिकों की वीर गाथा, जिन्होंने 10,000 दुश्मनों का किया था मुकाबला
नई दिल्ली।अक्षय कुमार की आने वाली फिल्म केसरी सारागढ़ी की लड़ाई पर आधारित है। आज हम आपको सारागढ़ी के युद्ध Battle of Saragarhi के बारे में बताएंगे। यह वो युद्ध है जब 21 बहादुर सैनिकों ने 10,000 दुश्मनों से मुकाबला किया था। यह युद्ध बयान करता है कि हमारे भारतीय वीर कितने साहसी हैं। सन 1897 में हुए सारागढ़ी युद्ध में 21 बहादुर भारतीय सैनिकों ने 10,000 अफगान पश्तूनों का मुकाबला किया था। यह युद्ध इतिहास के पन्नों पर महान छाप छोड़ जाता है।
यह भी पढ़ें- भारत के लिए क्या सोचता है एक कश्मीरी, पाकिस्तान भी सुन ले हिंदुस्तानी के ये बोल
सन 1897 के 12 सितंबर को सारागढ़ी नाम की एक जगह पर यह युद्ध लड़ा गया था। जो आज के समय में पाकिस्तान में है। यह युद्ध उत्तर-पश्चिम फ्रंटियर प्रांत (वर्तमान खैबर-पखतुन्खवा , पाकिस्तान में) में हुआ। 1897 में 10000 अफगान पश्तूनों ने सारागढ़ी के भारतीय आर्मी पोस्ट पर आक्रमण कर दिया। इस पोस्ट पर ब्रिटिश इंडियन आर्मी की 36वीं सिख बटालियन के 21 सिख सिपाही तैनात थे। अफगान पश्तूनों को लगा 21 सैनिक उनका क्या कर पाएंगे लेकिन उनका यह सोचना उनकी बड़ी भूल साबित हुआ।
21 सैनिक 10000 दुश्मनों के आगे झुके नहीं, भागे नहीं बल्कि अपनी आखिरी सांस तक वे लड़ते रहे। इस युद्ध की मिसालें आज तक दी जाती हैं। मानव इतिहास में ऐसा कोई दूसरा उदाहरण नहीं है, जब कोई ऐसा भयंकर मुकाबला हुआ हो। गोलियां खत्म हो गईं तो तलवारों से युद्ध हुआ। युद्ध के अंत में 21 सिख सैनिक 600 से अधिक अफगानों को मौत के घाट उतारकर वीरगति को प्राप्त हुए। उस समय British Empire की तरफ से उनकी बहादुरी को सर्वोच्च पुरस्कार Indian Order of Merit प्रदान किया गया जो आज के समय में परमवीर चक्र के समान है। 12 सितम्बर को Saragarhi Day घोषित किया गया जो आज भी ब्रिटेन, इंग्लैंड मनाया जाता है। 12 सितंबर को भारत में सिख रेजीमेंट इसे Regimental Battle Honours Day के रूप में मनाती है।
Published on:
26 Mar 2019 10:06 am
बड़ी खबरें
View Allहॉट ऑन वेब
ट्रेंडिंग
