कभी बालों की सफेदी ज्ञान की निशानी मानी जाती थी पर अब यह समस्या है। सवाल यह है कि ऐसा होता क्यों है। इस पर वैज्ञानिक समुदाय दो धड़ों में बंटा हुआ है।
बालों का असमय सफेद होना वर्तमान समय में एक बड़ी समस्या है। अक्सर हमारे दिमाग में यह सवाल घूम ही जाता है कि ये बाल सफेद होते क्यों हैं? दरअसल बालों का काला रंग मेलानिन पिगमेंट की वजह से होता है। जो हमारी त्वचा के पिगमेंट में होता है। जिनके बालों का रंग हल्का काला होता है उनमें मेलानिन की कमी होती है।
आप देखते हो न कि बड़े लोगों के बाल सफेद या ग्रे हो जाते हैं, असल में उनमें मेलानिन पिगमेंट खत्म हो जाता है, इसलिए उनके बाल सफेद हो जाते हैं। लेकिन इस बात को लेकर रिसर्चरों और चिकित्सकों के मत में भिन्नता है। कुछ वैज्ञानिक बालों की सफेदी को अनुवांशिक समस्या के तौर पर देखते हैं तो कुछ चिकित्सक इसके लिए थायराइड ग्रंथियों को जिम्मेदार बताते हैं।
युवाओं के शरीर में इस ग्रंथी (ग्लैड) की स्राव कमी या अधिकता बालों को सफेद बना देती है। दवाएं भी बालों की सफेदी के कारणों में से एक है। एक रिपोर्ट के मुताबिक एंटी मलेरिया दवा के प्रयोग से बाल समय से पहले सफेद हो जाते है। खाने में प्रोटीन या आयरन की कमी व विटामिन बी-12 की कमी व प्रदूषण को भी बाल की सफेदी की समस्या के लिए जिम्मेदार माना जाता है।
क्या रोकी जा सकती है सफेदी
बालों के असमय सफेद होने की समस्या से बचा सकता है। बशर्ते समय पर सही इलाज लिया जाए। सही डाइट इसका सबसे बेहतर उपचार है। थाइराइड व ब्लड जांच करवाना भी इसके बचाव में शामिल है। चिंता , भय ,तनाव ,सोच ,प्रदूषण से बच कर रहना चाहिए।