
Thick Blood
लोग समझते हैं कि Thick Blood होना स्वस्थ होने का प्रमाण है। जबकि ऐसा नहीं है। गाढ़ा खून कई प्रकार की बीमारियों से घेर लेता है। गाढ़ा खून होने के कारण हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक, खून के थक्के जमना आदि की संभावना अधिक रहती है। इसलिए खून को पतला करना जरूरी होता है। जिससे बॉडी के अंदर रक्त संचार भी आसानी से होता है।
खानपान में लापरवाही, परिश्रम और एक्सरसाइज का अभाव, बदलती जीवन शैली के कारण खून गाढ़ा होने की समस्या आम हो जाती है। यह समस्या वैसे तो लोगों को पता नहीं चलती है। लेकिन जब कोई बीमारी अचानक उभर के सामने आती है। तब जाकर व्यक्ति को पता चलता है कि उनका खून गाढ़ा है।
यह लक्षण नजर आएं तो हो जाएं सावधान-
जिस व्यक्ति का खून गाढ़ा होता है। उन्हें कई प्रकार के लक्षण नजर आने लगते हैं। जैस- सिर दर्द, उच्च रक्तचाप, धुधंला दिखना, त्वचा में खुजली, चक्कर आना, अत्यधिक मासिक रक्तस्राव, गठिया आदि। अगर आपको भी ऐसे लक्षण नजर आ रहे हैं, तो सतर्क हो जाएं। दरअसल हमारे शरीर के सभी अंगों को खून के माध्यम से ही आक्सीजन मिलता है। ऐसे में गाढ़ा खून होने से इस प्रक्रिया में दिक्कत आती है। इसलिए खून का पतला होना बेहतर होता है।
हल्दी का दूध पीएं-
हल्दी का दूध पीने से आपका खून पतला हो जाएगा। अगर आप रोजाना नहीं पी सकते तो कम से कम सप्ताह ३ बार तो जरूर पीएं। इससे ब्लड क्लॉटिंग की समस्या से भी निजात मिलती है। कच्ची हल्दी का सेवन भी खून का गाढ़ापन कम करती है।
लहसुन का सेवन करें-
लहसुन का सेवन करने से भी खून पतला होता है। क्योंकि लहसुन में एंटी ऑक्सीडेंट तत्व होते हैं। जिसके कारण शरीर में जमा फ्री रेडिकल को खत्म किया जा सकता है। इससे ब्लड प्रेशर भी सामान्य रहता है।
फाइबर युक्त फूड खाएं-
फाइबर युक्त खाद्य प्रदार्थ का सेवन करने से आपका खून पतला होगा। इसके लिए आप मक्का, गाजर, ब्रोकली, होव वीट, ब्राउन राइस, मूली, सेब फल, शलजम, ओट्स आदि का सेवन करें।
केयेन मिर्च से होगा खून पतला-
आप अपने भोजन में केयेन मिर्च को शामिल करें, यह खून को पतला करने में काफी मददगार होती है। क्योंकि इसमें पर्याप्त मात्रा में सेलिसिलेट होता है, यह ब्लड प्रेशर को कंट्रोल कर ब्लड सर्कुलेशन को नियमित करता है।
खून पतला करने के अन्य घरेलू उपाय-
- योग प्राणायाम करें, एक्सरसाइज करें, घर के कामों में परिश्रम करें।
- त्वचा पर जमी डेड स्किन हटाएं, क्योंकि त्वचा के रोम छिद्र बंद होने से रक्त संचार प्रभावित होता है। बॉडी डिटॉक्स होने में भी परेशानी होती है। क्योंकि पसीना भी ठीक से नहीं निकल पाता है।
- सुबह-सुबह वॉकिंग पर जाएं, इस समय ऑक्सीजन भी शुद्ध मिलती है। गहरी सांस लें ताकि फेंफड़ों को भी पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिलें।
Published on:
03 Jun 2021 03:19 pm
बड़ी खबरें
View Allस्वास्थ्य
ट्रेंडिंग
लाइफस्टाइल
