21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Health update: सिंगल डोज में 50 प्रतिशत तक कम हो जाएगा बैड कॉलेस्ट्रोल, आ गई जीन थैरेपी

अब एक ऐसी जीन थैरेपी आ गई है, जिसके सिंगल डोज से ही बैड कॉलेस्ट्रॉल का स्तर कम हो जाएगा। यूएस में विकसित इस थैरेपी से कॉलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने के लिए रोजाना स्टैटिन लेने वाले लाखों लोग एक नई जीन थैरेपी से लाभान्वित हो सकते हैं, जिसने केवल एक खुराक से 'खराब' कॉलेस्ट्रॉल के स्तर को 50 प्रतिशत तक कम करने की क्षमता दिखाई है।

less than 1 minute read
Google source verification

जयपुर

image

Jaya Sharma

Nov 15, 2023

एक डोज ने उन लोगों में कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) को काफी कम कर दिया, जिन्हें खराब कोलेस्ट्रॉल के रूप में भी जाना जाता है

Health update: सिंगल डोज में 50 प्रतिशत तक कम हो जाएगा बैड कॉलेस्ट्रोल, आ गई जीन थैरेपी

यूएस के बोस्टन में विकसित सीआरआईएसपीआर-आधारित जीन-एडिटिंग थेरेपी वर्व-101 के एक डोज ने उन लोगों में कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) को काफी कम कर दिया, जिन्हें खराब कोलेस्ट्रॉल के रूप में भी जाना जाता है। कई केसेज में वंशानुगत एलडीएल कोलेस्ट्रॉल का स्तर बहुत अधिक होता है, जिसके कारण कम उम्र में दिल का दौरा पड़ने का खतरा अधिक होता है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ
विशेषज्ञों के अनुसार खराब कॉलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए दशकों से दैनिक गोलियों या रुक-रुक कर इंजेक्शन लेने की बजाय इसका उपयोग किया जा सकता है। यह वन डोज थैरेपी दशकों तक एलडीएल-सी को कम कर सकती है। अध्ययन में न्यूजीलैंड और यूके में 7 पुरुष और 2 महिलाएं शामिल थीं। ऐसे प्रतिभागियों को चुना गया, जिसमें वंशानुगत एक ऐसा जीन विरासत में मिला है, जिसमें एलडीएल कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवा लेने के बावजूद बैड कॉलेस्ट्रॉल का स्तर बहुत अधिक था।

प्रतिभागियों को पहले से बीमारी थी
अध्ययन में भाग लेने वाले अधिकांश प्रतिभागियों को पहले से ही गंभीर कोरोनरी धमनी रोग था और उन्हें पहले से ही दिल का दौरा पड़ चुका था या फिर कोरोनरी बाईपास सर्जरी या स्टेंटिंग से गुजरना पड़ा था। यह थैरेपी देने के उनके बैड कॉलेस्ट्रोल में 50 प्रतिशत तक कमी आई थी। दवा ने छह महीने में एलडीएल-सी को भी कम कर दिया, जिसमें एकमात्र प्रतिभागी को 0.6 मिलीग्राम/किग्रा प्राप्त हुआ, जिसका फॉलो-अप जारी रहा।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


बड़ी खबरें

View All

स्वास्थ्य

ट्रेंडिंग

लाइफस्टाइल