
किसी को गले लगाना शारीरिक ही नहीं मानसिक लाभ भी देता है। विशेषज्ञों के मुताबिक इससे ऑक्सीटोसिन का रिलीज शुरू हो जाता है, जिसे ‘लव हार्मोन’ भी कहते हैं। ऑक्सीटोसिन के स्तर में बढ़ोतरी हमें गले लगाने वाले व्यक्ति के प्रति विश्वास, सहानुभूति और लगाव की भावनाओं को बढ़ाती है।

मूड में सुधार: गले लगाने यानी शारीरिक स्पर्श एंडोर्फिन के रिलीज को उत्तेजित करता है, जो मूड को बेहतर और मन को खुश करता है। यह एक प्राकृतिक मूड सुधारक भी है।

चिंता और अवसाद में कमी: गले मिलना और शारीरिक स्पर्श आराम और भावनात्मक सपोर्ट दे सकता है जिससे चिंता और अवसाद के लक्षणों को कम करने में मददगार हो सकता है, क्योंकि यह संबंध और सुरक्षा की भावना को बढ़ावा देता है।

भावनात्मक जुड़ाव: गले लगाना बिना कुछ बोले भी एक संवाद यानी कम्युनिकेशन का माध्यम है। यह प्यार, सहानुभूति और समझ जैसी भावनाओं को व्यक्त करता है, जो रिश्ते बनाने और बनाए रखने के लिए जरूरी है।