इन चीज़ों को करें डाइट में शामिल
सब्जियां, फल, बैरी और साबुत अनाज साथ-साथ असंतृप्त फैट का सेवन करना आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। ये पोषक तत्व और सुपरफूड आपके शरीर में सूजन को कम करते हैं। इसलिए गर्भकालीन मधुमेह के खतरे को भी कम करते हैं। सिर्फ गर्भावस्था से पहले ही नहीं, बल्कि अपनी जीवन शैली में हमें स्वस्थ आहार को शामिल करना चाहिए।
सब्जियां, फल, बैरी और साबुत अनाज साथ-साथ असंतृप्त फैट का सेवन करना आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। ये पोषक तत्व और सुपरफूड आपके शरीर में सूजन को कम करते हैं। इसलिए गर्भकालीन मधुमेह के खतरे को भी कम करते हैं। सिर्फ गर्भावस्था से पहले ही नहीं, बल्कि अपनी जीवन शैली में हमें स्वस्थ आहार को शामिल करना चाहिए।
टाइप-2 डायबिटीज की शुरुआती अवस्था में दवाइयों से पीडि़त के ब्लड शुगर को नियंत्रित किया जा सकता है। पीडि़त यदि यदि खानपान व व्यायाम और चिकित्सक के परामर्श की अनदेखी करता है तो उसे आगे जाकर इंसुलिन लेना पड़ सकता है। इसलिए डायबिटीज होने पर संतुलिन भोजन, व्यायाम एवं समय पर दवा लेना आवश्यक है।
गर्भवती महिलाओं में टाइप टू डायबिटीज के लक्षण कुछ इस प्रकार सामने दिखते हैं अचानक से वजन का अत्यधिक बढ़ जाना या फिर वजन का अत्यधिक घट जाना पैरों में सूजन हाथों में खुजलाहट इस प्रकार की अनेक समस्या आपके सामने आ सकती है ऐसे मैं आपको एक बार डॉक्टर के पास जाकर डायबिटीज का चेकअप अवश्य करवाना चाहिए।
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कद्दू को जरुर करें डाइट में शामिलकद्दू यानी की लौकी यह डायबिटीज के लिए रामबाण साबित होता है। डायबिटीज में आपको सबसे ज्यादा कद्दू का प्रयोग करना चाहिए। आप इसके जूस का सेवन भी कर सकते हैं। साथ ही साथ आप कद्दू के सब्जियां और खीर भी बना कर खा सकते हैं।