
बच्चे मैदा से बने बहुत सारे बेकरी आइटम खाते हैं। उनके खाने में फाइबर की मात्रा बहुत कम होती है
बच्चे मैदा से बने बहुत सारे बेकरी आइटम खाते हैं। उनके खाने में फाइबर की मात्रा बहुत कम होती है। फल और सब्जियां शामिल नहीं होने की स्थिति कब्ज की समस्या बढ़ जाती है। ठंड में बच्चे अंदर होते हैं और प्रोसेस्ड फूड का सेवन करते हैं, इस स्थिति में भी उनमें कब्ज की समस्या बढ़ जाती है। ठंड में शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती है और प्यास भी कम लगती है। इस स्थित में कब्ज की समस्या और भी अधिक बढ़ जाती है।
पश्चिमी कमोड के कारण नहीं सीख पाते शौचालय की आदतें
छोटे बच्चों में कब्ज का एक कारण अनुचित शौचालय प्रशिक्षण और शौचालय प्रशिक्षण पर ध्यान न देना है। पश्चिमी कमोड बच्चों के उपयोग के लिए अनुकूल नहीं है और इससे उन्हें शौचालय की आदतें आसानी से सीखने में बाधा आती है। वहीं साबुत अनाज भी नहीं खाते। जिसके कारण समस्या और बढ़ जाती है।
अविकसित पाचन तंत्र
बच्चों में अविकसित पाचन तंत्र प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों से संघर्ष करते हैं, जबकि बड़े वयस्क धीमी आंत गतिशीलता और कमजोर पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों से जूझते हैं। कब्ज उनके जीवन की गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। माता-पिता को अपने बच्चों के आहार में साबुत अनाज, दाल और फलों को प्राथमिकता देनी चाहिए, जबकि वरिष्ठ नागरिकों को रेशेदार सब्जियां, आलूबुखारा और पर्याप्त पानी का सेवन करना चाहिए।
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