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परिसीमन से बदलेगी पंचायतों की भौगोलिक स्थिति, हो सकता है नई पंचायतों का गठन

सिराली नगर परिषद प्रस्तावित होन के चलते वर्तमान में तीन पंचायतें हुई कम

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हरदा

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Sanjeev Dubey

Aug 21, 2019

New Panchayats will be formed

New Panchayats will be formed

खिरकिया. ग्रामीण सरकार यानि पंचायतीराज व्यवस्थाओं में जनभागीदारी के लिए होने वाले पंचायत चुनाव आगामी कुछ माहों में होने हैं। वर्तमान में गठित पंचायतों के कार्यकाल को पूर्ण होने में अभी कुछ दिन शेष हंै, लेकिन चुनावों के पूर्व पंचायतों की भौगोलिक स्थिति को सुधारने के लिए प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। शासन से पंचायतंों के परिसीमन व जनसंख्या की दृष्टि से नई पंचायतों के गठन के निर्देश प्राप्त हुए हैं, जिसके पालन में जनपद पंचायत द्वारा परिसीमन की कार्यवाही प्रारंभ कर दी है, जिसमें वर्तमान में दावे आपत्तियां ग्रामीणों से ली जा रही है। जानकारी के अनुसार त्रिस्तरीय पंचायत का परिसीमन सामान्य निर्वाचन वर्ष 2019-20 को लेकर मप्र शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा निर्देश जारी किए गए हैं, जिसमें प्रदेश में पंचायत व उनके वार्ड निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन कराया जाना है।

परिसीमन के बाद तय होगी नई पंचायत, तीन हुई कम
जनपद पंचायत आने वाली तीन पंचायतो को नगरीय क्षेत्र अर्थात नगर परिषद के गठन किए जाने में विलय करने पर 6 7 ग्राम पंचायत वाली इस जनपद में अब पुरानी पंचायतों में से 6 4 हो जाएगी। जबकि तीन पंचायते सिराली, रामपुरा एवं मुहाडिय़ा को मिलाकर सिराली नगर परिषद की गठन प्रस्तावित है। वर्तमान में कई ग्राम पंचायतों में एक से अधिक गांव है, जिनकी जनसंख्या में पंचायत के गठन के लिए पर्याप्त मानी जा रही है, ऐसे में उनमें से कुछ ग्रामों को पंचायत के रूप में गठित किया जा सकता है। हालांकि इसकों लेकर अभी प्रक्रिया प्रस्तावित है। परिसीमन के पश्चात ही तय हो पाएगा, कितनी नहीं नई पंचायतों का गठन होगा या नहीं।

पंचायतों के प्राप्त हुए 33 दावे आपत्तियां
नई पंचायतों के गठन, परिसीमन व पुरानी पंचायतों के मुख्यालय बदले जाने, पंचायतों के ग्रामों को विभक्त अलग पंचायत का गठन किए जाने संबंधी प्रक्रिया परिसीमन में होनी है, जिसकों लेकर दावे आपत्तियां ग्रामीणों से ली जा रही हैं। वर्तमान में 33 दावे आपत्तियां जनपद पंचायत को प्राप्त हुई है। जिसमें से सबसे अधिक ग्राम पंचायत बारंगा, बम्हनगांव, टेमलावाड़ी पंचायतों की है। इन ग्रामों में एक से अधिक ग्राम सम्मिलित हैं, जिसकों लेकर आपत्तियां वर्तमान पंचायत व ग्रामीणों द्वारा लगाई जा रही है। कुछ स्थानों पर नई पंचायतों के गठन, तो कही से पुरानी पंचायतों को यथावत रखे जाने संबंधी दावे आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। दावें आपत्तियों पर निराकरण होना है, जिसमें अंतिम निर्णय कलेक्टर के माध्यम से होने हंै।

एक हजार जनसंख्या में होना है पंचायत का गठन
धारा 12 के प्रावधान के अनुसार ग्राम पंचायत की जनसंख्या न्यूनतम 1000 होने पर न्यूनतम 10 वार्ड एवं 1000 से अधिक होने पर अधिकतम 20 वार्ड होने जाएंगे। ऐसे स्वतंत्र राजस्व ग्राम जिनकी जनसंख्या 1 हजार के आसपास है, का नवीन पंचायत के रूप में परिसीमन किया जाना चाहिए। नवीन ग्राम पंचायत का गठन यदि दो ग्रामों की जनसंख्या मिलाकर किया जाता है, तो अधिक जनसंख्या वाले ग्राम को पंचायत मुख्यालय बनाया जाता है। 6 सितंबर तक सभी प्रक्रियाएं पूर्ण की जााएगी। वर्तमान में दावें आपत्तियां प्राप्त की जा रही है।

इनका कहना
वर्तमान में दावे आपत्तियां प्राप्त की जा रही है। जिनके निराकरण के बाद ही पंचायतों के परिसीमन की स्थिति तय हो सकेगी। सिराली नगर परिषद प्रस्तावित होने के चलते 3 पंचायतें कम हुई हंै।
देवेश्वर दुधे, पंचायत इंस्पेक्टर, जनपद पंचायत, खिरकिया