
अध्यक्षों ने मुख्य अभियंता को घेर कर कहा, नहीं बढ़ा तो सरकार को भुगतना पड़ेगा अंजाम
नहर अध्यक्षों ने मुख्य अभियंता को घेर कर कहा, राजस्थान का शेयर नहीं बढ़ा तो सरकार को भुगतना पड़ेगा अंजाम
हनुमानगढ़. जल उपयोक्ता संगम अध्यक्षों ने सोमवार को मुख्य अभियंता का घेराव कर रोष व्यक्त किया। नहर अध्यक्षों का कहना था कि भाखड़ा के किसान बूंद-बंूद के लिए तरस रहे हैं। जबकि हकीकत में भाखड़ा बांध में इतना पानी है कि उसे पाकिस्तान भेजना पड़ रहा है। वर्तमान में हालात ऐसे हैं कि प्रतिदिन छह से सात हजार क्यूसेक पाकिस्तान क्षेत्र में प्रवाहित किया जा रहा है। जबकि राजस्थान के खेत पानी के लिए तरस रहे हैं। राजस्थान के किसान भाखड़ा नहर में चार सौ क्यूसेक पानी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, मगर इसमें भी अफसरों के पसीने छूट रहे हैं। सभी नहर अध्यक्षों ने एक स्वर में सरहिंद फीडर से राजस्थान को अधिकतम पानी देकर भाखड़ा नहरों में मांग के अनुसार पानी चलाने की मांग की तो मुख्य अभियंता ने हाथ खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि नहरी तंत्र इतना मजबूत नहीं है कि वह दस से ग्यारह हजार क्यूसेक से अधिक पानी ले सके। उन्होंने कहा कि सरहिंद फीडर से एक सौ क्यूसेक पानी भी पंजाब नहीं दे रहा है। नहर अध्यक्षों ने जब मुख्य अभियंता से यह सवाल किया कि बताओ नहर मरम्मत के नाम पर तीन बरसों से बंदी ली जा रही है। फिर सरहिंद फीडर की मरम्मत क्यों नहीं हुई। इस पर मुख्य अभियंता ने कहा कि दिल्ली स्तर पर इसे लेकर बैठक हो चुकी है। पंजाब को वहां भी काफी सुनने को भी मिला है। उम्मीद है अगले वर्ष एग्रीमेंट के अनुसार सरहिंद फीडर की मरम्मत हो सकेगी। इसके बाद राजस्थान को कुछ राहत मिलने के आसार हैं। मुख्य अभियंता ने कहा कि हमारी नहरों की हालत जगह-जगह से खस्ता है। इसलिए पूरा पानी होते हुए भी हम उसका उपयोग नहीं कर पा रहे। जिसके कारण मजबूरी में पानी पाकिस्तान भेजने के अलावा दूसरा रास्ता नहीं बचता। क्योंकि मानसून से पहले डैम को खाली करना भी जरूरी होता है। मुख्य अभियंता के ना-नुकर के बाद भी नहर अध्यक्ष भाखड़ा नहर में 1600 क्यूसेक पानी चलाने की मांग करते रहे। इस दौरान मुख्य अभियंता ने कहा कि हम भी चाहते हैं कि राजस्थान के किसानों को अधिकतम पानी मिले, इसे लेकर पंजाब को चार सौ क्यूसेक पानी बढ़ाने का पत्र भी भेज रखा है। लेकिन सरहिंद फीडर सहित अन्य मुख्य नहरों के जगह-जगह से क्षतिग्रस्त होने के कारण पानी बढ़ाने पर पंजाब सहमत नहीं हो रहा है। इसके कारण राजस्थान को मांग के अनुसार पानी मिलने में दिक्कत आ रही है। मुख्य अभियंता ने कहा कि स्थिति ऐसी है कि इंदिरागांधी नहर को भी तय शेयर के अनुसार चलाने में दिक्कत आ रही है। भाखड़ा परियोजना के चैयरमेन पालाराम, जल उपयोक्ता संगम समिति अध्यक्ष बृजमोहन मूंड, विनोद कड़वासरा, नूरनबी भाटी, उश्नाक जोइया सहित अन्य नहर अध्यक्ष मौजूद रहे। नहर अध्यक्षों के घेराव के बाद संगरिया विधायक गुरदीप सिंह भी कई किसानों को लेकर मुख्य अभियंता के पास पहुंचे और भाखड़ा नहर में १६०० क्यूसेक पानी चलाने की मांग करने लगे। उन्होंने चेताया कि हर बार विभाग कहता है कि पानी देने में सक्षम नहीं हैं, लेकिन जब किसान सडक़ पर उतरता है तो पता नहीं कैसे रातोंरात सारा सिस्टम ठीक हो जाता है और पानी छोड़ दिया जाता है। शांतिपूर्ण तरीके से पानी नहीं मिलने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। सबका कहना था कि आज हम चेताने आए हैं, जल्द पानी नहीं बढ़ा तो सरकार को इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा। क्योंकि गांव के किसान बिना पानी के हैरान और परेशान हो रहे हैं। सरकार स्तर पर जल्द पानी नहीं बढ़ाने पर आगे आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
Published on:
10 Jun 2019 06:51 pm
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