क्रिटिकल केयर यूनिट जिला अस्पताल में बने, आवाज को मुखर करने के लिए एक मंच पर आए सामाजिक संगठन
– पत्रिका के स्पिक आउट कार्यक्रम में शहर के नागरिकों ने उठाई आवाज
हनुमानगढ़. टाउन की श्रीगोशाला स्थित कामधेनू हाल में पत्रिका की ओर से स्पिक आउट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान शहर के विभिन्न सामाजिक संगठन के पदाधिकारी व समाजसेवियों ने शहर की समस्याओं पर विचार रखे। इसमें शहर में नई सीवरेज लाइन बिछाने की बजाए, पुरानी सीवरेज लाइनों को जोड़कर संचालन करने की मांग उठाई गई। वहीं ४५ करोड़ की लागत से क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण जिला अस्पताल में हो। इसके लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों की कमेटी बनाने का सुझाव दिया गया। बैठक में सदस्यों ने सवाल उठाया कि सात माह पहले क्रिटिकल केयर यूनिट के लिए ४५ करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ था। लेकिन जिला अस्पताल प्रशासन ने आरएसआरडीसी को जगह का आवंटन नहीं किया। इसकी वजह से बजट लैप्स होने की कगार पर है। उधर, मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी जगह का अभाव बताया है। नागरिकों ने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल प्रशासन इस मामले पर कन्नी काटने पर लगा है। जबकि पूर्व में हुए समझौते के तहत टिब्बी क्लिनिक की जगह पर क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण किया जा सकता है। पुराना भवन की जगह पर हो निर्माण टाउन जिला अस्पताल की ओपीडी का भवन बेहद पुराना है। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी ने सर्वे कर इसकी मरम्मत कराने का सुझाव एक वर्ष पहले दिया था। सामाजिक संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि ओपीडी के भवन को तोड़कर पुन: निर्माण किया जा सकता है। इसी के तहत क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण भी हो सकता है। जिला कलक्टर को करवाएंगे अवगत बैठक में गोशाला प्रधान मनोहर बंसल व जिलाध्यक्ष विजय रौंता ने कहा कि पूर्व में हुए समझौते के तहत सौ बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट बनाने के लिए गोसेवक जिला कलक्टर से मिलेंगे। व्यापारी नेता नरोत्तम सिंगला ने कहा कि टाउन के जिला अस्पताल का निर्माण जनसहयोग से किया गया था। इसके बाद प्रशासन को हैंडओवर किया था। जिला अस्पताल बचाओ संघर्ष समिति के सुशील जैन ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन की अनदेखी के कारण आज तक ४५ करोड़ का निर्णय नहीं लिया गया। यह शहरवासियों के लिए दुर्भाग्य है। समिति के भगवान सिंह खुडी ने इस मामले को लेकर एकजुट होने की अपील की। इन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में जगह नहीं है, जबकि जिला अस्पताल में क्रिटिकल केयर यूनिट के लिए पर्याप्त जगह है। शहर के लोगों को जिला कलक्टर से मिलकर आग्रह करना होगा। व्यापार संघ के साधुराम सिंगला ने जिला अस्पताल में सुविधाओं की बढ़ोतरी करने की बजाए, सेटेलाइट अस्पताल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। व्यापार संघ सचिव सुरेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि पूर्व में हुए समझौते के तहत जिला अस्पताल में सौ बेड बढ़ाए जाने चाहिए। केंद्रीय मंत्री को करवाया अवगत भाजपा के शुभेंद्र सिंह व गजेंद्र सिंह राठौड़ ने बैठक में नागरिकों को अवगत करवाया कि जिस तरह जिला अस्पताल में ४५ करोड़ के क्रिटिकल केयर यूनिट को लेकर अभी तक जगह का आवंटन नहीं होने पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह को ज्ञापन भी सौंपा गया है। आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण बजट लैप्स होने की कगार पर है। पहले तीन मंजिला, अब जगह नहीं श्रीअरोड़वंश समाज टाउन के अध्यक्ष अतुल धींगड़ा ने कहा पूर्व में जिला अस्पताल को तीन मंजिला का प्रस्ताव तैयार किया था। बाद में यह प्रस्ताव टाल दिया और अब क्रिटिकल केयर यूनिट को लेकर कोई प्रयास नहीं किए जा रहे। शहर में ४५ करोड़ की लागत की आधुनिक यूनिट से शहर की दो लाख की आबादी को बेहतर इलाज मिलेगा। पुरानी सीवरेज लाइनों पर हो काम बैठक में गोशाला प्रधान मनोहरलाल बंसल ने कहा कि शहर में सीवरेज की लाइनें बिछी हुई हैं। टाउन में पुरानी लाइनों को जोडऩे की बजाए नवनिर्मित सड़कें उखाड़कर सीवरेज की नई लाइनें बिछाई जा रही है। जबकि नक्शे के मुताबिक सीवेरज लाइनों को जोडऩा चाहिए था। इन्होंने रखे सुझाव एसएफआई के यश चिलाना, तहसील उपाध्यक्ष नवनीत सखीजा, संयुक्त सचिव पवन कुमार ने चेतावनी दी कि क्रिटिकल केयर यूनिट का बजट लेप्स हुआ तो छात्र संगठन एक जुट होकर सड़कों पर उतरेंगे। बैठक में छात्र नेता सुभाष लोहरा, पुलिस सहायता संगठन जिला अध्यक्ष रिक्की गर्ग, प्रदेश अध्यक्ष लालचंद धांधल, सतीश गर्ग, सुरेंद्र सिंह, सुनील गोयल, रमेश जुनेजा, दाताराम स्वामी, विनोद वर्मा, मोहित कुमार, विकास कुमार, आकाश चिलाना, स्वराज सिंह, मंदीप सिंह बराड़, अमित कुमार ने भी सुझाव रखे।