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25 और 40 का झोल, चक्कर काट रहे किसान

हनुमानगढ़. जिले की मंडियोंं में सरसों की आवक शुरू हो गई है। इस बार सरसों का समर्थन मूल्य 5950 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।

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25 और 40 का झोल, चक्कर काट रहे किसान

25 और 40 का झोल, चक्कर काट रहे किसान

-आवक बढऩे के साथ किसानों की बढ़ रही बेचैनी, अबकी बार प्रदेश में सरसों खरीद के लिए 505 केंद्र घोषित
-मंडियों में सरसों का बाजार भाव एमएसपी से पांच सौ रुपए कम होने से किसानों में मायूसी
हनुमानगढ़. जिले की मंडियोंं में सरसों की आवक शुरू हो गई है। इस बार सरसों का समर्थन मूल्य 5950 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। जबकि बाजार भाव 5500 रुपए प्रति क्विंटल चल रहा है। इस तरह बाजार में प्राइवेट भाव लगाकर बेचने से प्रति क्विंटल किसानों को चार सौ से पांच सौ रुपए का नुकसान हो रहा है। मंडी में चक्कर लगाने के बावजूद किसानों को किसी तरह की राहत नहीं मिल रही है। स्थिति यह है कि सरकार एक किसान से कितनी फसल खरीदेगी, इसकी स्थिति भी साफ नहीं की जा रही है। अभी तक एक किसान से 25 क्विंटल सरसों खरीदने की बातें सामने आ रही है। इस तरह पच्चीस या चालीस क्विंटल का झोल किसानों को बेचैन कर रहा है। प्रदेश में सरसों खरीद के लिए कुल 505 केंद्र घोषित किए गए हैं। जमीनी हकीकत यह है कि मार्च के दूसरे सप्ताह से मंडियों में सरसों की आवक शुरू हो जाती है। परंतु खरीद दस अप्रेल के बाद होने से करीब आधा सरसों प्राइवेट बाजार में तुल जाता है। ऐसे में सरकारी खरीद आधी भी नहीं हो पाती है। इससे किसानों को एमएसपी का समुचित लाभ नहीं मिल पाता है।
किसानों का कहना है कि एमएसपी की घोषणा सरकार करती है तो समय पर खरीद की व्यवस्था भी करनी चाहिए। हनुमानगढ़ जिले की बात करें तो हजारों क्विंटल सरसों की आवक हो रही है। परंतु एमएसपी पर खरीद नहीं होने से किसान मायूस हो रहे हैं। सहकारिता विभाग हनुमानगढ़ के उप रजिस्ट्रार अमीलाल सहारण के अनुसार सरसों खरीद को लेकर केंद्र्र घोषित कर दिए गए हैं। उठाव आदि कार्य के टेंडर को पूरा करने में लगे हैं।

इतनी होगी खरीद
इस वर्ष राज्य में सरसों का लगभग 62 लाख एमटी उत्पादन होने का अनुमान है। भारत सरकार की ओर से निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप राज्य में सरसों की 13.89 लाख एमटी खरीद होना प्रस्तावित है। समर्थन मूल्य पर सरसों खरीद को लेकर किसान एक अप्रेल से ई-मित्र के माध्यम से पंजीयन करवा सकेंगे। इसके बाद खरीद कार्य दस अप्रेल से होना संभावित है। समर्थन मूल्य पर खरीद बायोमीट्रिक अभिप्रमाणन के आधार पर की जाएगी।
तैयारी भी अधूरी
हनुमानगढ़ जिले में सरसों खरीद को लेकर 19 केंद्र घोषित किए गए हैं। इनमें आठ क्रय विक्रय सहकारी समितियां व बाकी ग्राम सेवा सहकारी समितियां शामिल हैं। दस अप्रेल से संभावित खरीद से पहले उठाव आदि कार्य के टेंडर को अंतिम रूप देने में अधिकारी लगे हुए हैं। बताया जा रहा है कि 27 मार्च को तकनीकी खराबी के चलते कुछ केंद्रों के उठाव कार्य संबंधी टेंडर नहीं हो पाए। मतलब खरीद की तैयारी अभी आधी-अधूरी है। यही स्थिति प्रदेश के अन्य जिलों की बताई जा रही है।

समान रूप से खरीदे सरकार
भारतीय किसान संघ राजस्थान शाखा भादरा के अध्यक्ष जगदीशचंद्र शेखू के अनुसार सरसों खरीद में एक जन आधार में जितने भी कृषक सदस्य हैं व जिनके नाम जमीन है, उन सभी कृषकों की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की जानी चाहिए। एक जन आधार पर एक तुलवाई की व्यवस्था बंद करनी चाहिए। एफसीआई की तर्ज पर जन आधार कार्ड के मार्फत सरसों में सहमति पत्र के आधार पर फसल खरीद की व्यवस्था सरकार को करनी चाहिए। ताकि सभी किसानों को इस योजना का लाभ मिल सके। समर्थन मूल्य पर खरीद की गई सरसों चना की तुलाई के उपरांत किसान को शीघ्र भुगतान करने की समुचित व्यवस्था भी करने की जरूरत है।

हो रहा नुकसान
मंडी में सरसों बेचने के लिए आया हूं। सरकारी भाव नहीं मिलने पर करीब तीस क्विंटल सरसों प्राइवेट में व्यापारियों को दिया है। इसके औसत भाव 5400 रुपए प्रति क्विंटल लगे हैं। प्रति क्विंटल पांच सौ रुपए का नुकसान हुआ है।
-निर्भय सिंह, किसान, गांव मानुका।