हम बात कर रहे हैं शहर की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. वीणा प्रधान की, जिन्होंने नौकरी के 34 सालों में कई स्लम बस्तियों में जाकर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरुक किया। वहीं साल के दोनों नवरात्र के दिनों में अष्टमी से तीन दिन तक किसी हॉस्पिटल या स्लम एरिया में बच्चों को कपड़ों के साथ मिठाई भी बांटती हैं। इतना ही नहीं, वे शहर के दो स्कूलों के दो बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च उठा रही हैं। इसमें से एक बच्चा तो मूक बधिर है। वे झुग्गी झोपड़ी में जाकर बच्चों को पोस्टर के माध्यम से पढ़ाने के साथ ही उन्हें साफ पानी और साफ सफाई के बारे में बताती हैं। वे शहर की कई संस्थाओं से जुड़कर लगने वाले हैल्थ कैंपों में फ्री चैकअप करती हैं।