
High court
Mp news: हाईकोर्ट की एकलपीठ में गुना के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर अपने स्पष्टीकरण के साथ उपस्थित हुए। सीएमएचओ ने कहा कि वह मेडिकल लीव पर थे, लेकिन जिले में उप मुख्यमंत्री, मंत्री और डायरेक्टर हेल्थ मिशन आ रहे हैं। वह समीक्षा बैठक लेंगे, इसलिए छु्ट्टी रद्द कर नौकरी जॉइन की है। पदोन्नति का रिकॉर्ड भोपाल में है। इस जवाब को सुनने के बाद कोर्ट ने नाराजगी जताई।
कहा कि नेताओं की सुनने के लिए भागकर चले आते हैं, लेकिन कोर्ट की बात समझ में नहीं आ रही है। न दस्तावेज पेश कर रहे हैं। कोर्ट ने मुख्य सचिव को आदेश दिया है कि सीएमएचओ के खिलाफ विभागीय जांच की जाए। आदेश की कॉपी इनकी सर्विस बुक में रखी जाए। सीएमएचओ पदोन्नति से संबंधित रिकॉर्ड भोपाल से लेकर आएं और तीन अप्रेल को पेश करें। याचिका की सुनवाई जस्टिस जीएसअहलूवालिया ने की।
याचिका की कॉपी भेजने पर हाईकोर्ट ने हैरानी जताई थी। कहा था कि क्या प्रतिवादी आदेश के वास्तविक अर्थ को समझने में सक्षम है या नहीं। क्या न्यायालय को हिंदी में आदेश पारित करना चाहिए। सरकार के अधिकारियों को आदेश का वास्तविक अर्थ समझ में आ सके।
दरअसल, बीपी शर्मा ने जूनियर को पदोन्नत करने के मामले को लेकर 2009 में याचिका दायर की थी। वे स्वास्थ्य विभाग में ब्लॉक एक्सटेंशन एजुकेटर पद से सेवानिवृत्त हुए थे। तर्क दिया कि विभाग में सीनियर थे, लेकिन उनके जूनियर को पदोन्नति दी गई। उनकी अनदेखी की गई।
हाईकोर्ट ने पदोन्नति का रिकॉर्ड तलब किया था, लेकिन सीएमएचओ ने याचिका की कॉपी ही महाधिवक्ता कार्यालय भेज दी, जो पहले से मौजूद थी। पदोन्नति का रिकॉर्ड नहीं आया। इसे लेकर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अधिकारियों को सरल अंग्रेजी समझ में नहीं आ रही।
Published on:
02 Apr 2025 01:09 pm
बड़ी खबरें
View Allग्वालियर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
