
श्योपुर/कराहल। आदिवासी संस्कृति से सराबोर कराहल क्षेत्र के ग्राम बमोरी में उस समय भील जनजाति की संस्कृति एकाकार होती नजर आई, जब दल बाबा के मेले में भील समुदाय के 35 गांवों के लोग जुटे। अपनी विभिन्न मन्नतों के साथ जुटे मेले में लोगों ने लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम और लोक गीतों के बीच लोक देवता दलबाबा की पूजा अर्चना की।
कराहल तहसील मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम बमोरी भील जनजाति बाहुल्य ग्राम है। इसके साथ ही आसपास के तीन दर्जन गांवों भी भील समाज के ही है। यही वजह है कि बमोरी में दल बाबा के स्थान पर वर्ष में एक बार मेले का आयोजन किया जाता है, इसी क्रम में बीते रोज धूलेंडी के उपलक्ष्य में यहां मेला आयोजित किया गया और दल बाबा की पूजा की। इसके साथ ही दल बाबा की मचान बनाकर मन्नत मांगने वाले लोगों को झुलाया गया। मान्यता है कि इस झूले में झूलने से मनोकामनापूर्ण होती है। इसके साथ ही दल बाबा से रोग,व्याधी, महामारी आदि सहित अन्य प्रकोप से बचाने की भी मनोकामना की गई।
कलेक्टर और डीएफओ भी पहुंचे
कलेक्टर पीएल सोलंकी और डीएफओ सामान्य सीएस निनामा भी मेले में पहुंचे। इस दौरान स्थानीय वाशिंदों ने रंग-गुलाल लगाकर उनका स्वागत किया। यही नहीं महिलाओं ने दोनों अधिकारियों को घेर लिया और परंपरानुसार नेग मांगने लगी, जिस पर डीएफओ ने 2100 रुपए प्रदान किए।
पटवारियों की मनमानी से नहीं मिल रहा मुआवजा
श्योपुर. वीरपुर तहसील में मुआवजा वितरण में लापरवाही हो रही है और इसमें पटवारियों द्वारा मनमानी की जा रही है। ये आरोप लगाते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक गर्ग ने चंबल कमिश्रर को पत्र भेजा है। भेजे गए पत्र में बताया गया कि जिले की अन्य तहसीलों में तो मुआवजा वितरण किया जा रहा है, लेकिन वीरपुर तहसील में आरआई-पटवारियों की मनमानियों के कारण मुआवजा नहीं बंट रहा है। जिससे किसान परेशान हैं। पत्र में मुआवजा वितरण किए जाने की मांग की गई है।
Published on:
03 Mar 2018 04:48 pm
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