राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह व सिंधिया सहित अन्य मंत्री हुए शामिल
ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय में नवनिर्मित अटल बिहारी वाजपेयी इंटरनेशनल कंन्वेशन सेंटर का लोकार्पण हुआ। जेयू में 23 करोड़ की लागत से बने इस मल्टीआर्ट कॉप्पलेक्स भवन का शुक्रवार को 11.30 बजे लोकार्पण हुआ।। कोविड 19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जीवाजी विश्वविद्यालय प्रबंधन ने लोकार्पण समारोह का आयोजन ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल मप्र आनंदी बेन पटेल करेंगी, मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान,अतिविशिष्ट अतिथि सांसद राज्यसभा ज्योतिरादित्य सिंधिया ऑनलाइन रहें।
जबकि अतिविशिष्ट अतिथि केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर,उच्च शिक्षा मंत्री मप्र शासन डॉ. मोहन यादव उर्जा मंत्री मप्र शासन प्रद्युम्न सिंह तोमर,महिला बाल एवं विकास मंत्री इमरती देवी, मंत्री भारत सिंह कुशवाह,सांसद लोकसभा विवेक शेजवलकर, पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल, विवि की ओर से वीसी प्रो संगीता शुक्ला, रेक्टर प्रो डीडी अग्रवाल, रजिस्ट्रार प्रो आनन्द मिश्रा, डीसीडीसी डॉ केशव सिंह गुर्जर, ईसी मेम्बर अनूप अग्रवाल, वीरेन्द्र गुर्जर, शिवेंद्र राठौड़, संगीता चौहान सहित कई लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान कोविड-19 के साथ ही सोशल डिस्टेंश का पूर्ण रूप से पालन किया गया है। ऑनलाइन होने वाले इस कार्यक्रम के लिए मल्टीआर्ट कॉम्पलेक्स के भवन में 2 बड़ी स्क्रीन लगाई है। मल्टीआर्ट कॉम्पलेक्स के लोकार्पण के बाद इस भवन को विभिन्न गतिविधियों के लिए खोल दिया जाएगा।
बीते वर्ष राष्ट्रपति का आना भी हुआ निरस्त
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर तैयार किए गए इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर प्रदेश की किसी भी विश्वविद्यालय में सबसे बड़ा है। इस सेंटर का निर्माण 2015 मे शुरू हुआ था और इसके 2017 में पूरा होना था। लेकिन कभी बजट सहित अन्य कारणों के चलते यह तीन साल लेट हो गया। इसी कारण से इस प्रोजेक्ट की लागत भी करीब 7 करोड़ रुपए तक बढ़ गई है। इतना ही नहीं इस मल्टीआर्ट कॉम्पलेक्स का लोकार्पण राष्ट्रपति के हाथों कराने के लिए बीते वर्ष दिसंबर में जेयू प्रबंधन ने योजना बनाई थी। इसके लिए जेयू ने राष्ट्रपति भवन को आमंत्रण भी भेजा था जिसेे स्वीकार भी कर लिया गया था। इसके बाद जीवाजी विश्वविद्यालय प्रबंधन ने लोकार्पण की तैयारी भी शुरू कर दी थी लेकिन अंतिम समय राष्ट्रपति का यहां आना निरस्त हो गया। जिससे उस समय इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर का लोकार्पण टल गया।
कन्वेंशन सेंटर बनने से यह होगा फायदा
अटल बिहारी वाजपेयी इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर के उद्दघाटन होने के बाद जीवाजी विश्वविद्यालय में होने वाले कार्यक्रमों की गतिविधियां और अधिक बढ़ जाएगी। दिल्ली मुम्बई सहित मेट्रो शहरों की तर्ज पर जेयू प्रबंधन के अलावा शहर की अन्य संस्थाए व विश्वविद्यालय के छात्र भी यहां कार्यक्रम आयोजित करा सकेंगे। यह ऑडोटोरियम 10500 वर्गमीटर में निर्मित है। इसमें दो हजार छात्रों के बैठने की भी व्यवस्था है।
यह है कन्वेंशन सेंटर की खासियत
मध्यप्रदेश शासन की संस्था प्रेाजेक्ट इम्पलीमेंटेशन यूनिट (पीआईयू) द्वारा बनाए गए अटल बिहारी वाजपेयी इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर लगभग एक लाख वर्गफीट में फैला हुआ है। इसमें एक विशाल ऑडोटोरियम एक ओपन थियेटर पांच सेमीनार हॉल एक कॉन्फ्रेंस हॉल व एक आर्ट गैलरी है। इसमें दो हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था है। यहां पुशबैक सीटें लगाई गई है। इन सीटों पर बैठने वाला व्यक्ति काफी देर तक आसानी से बैठ सकता है और उसे थकान महसूस नहीं होगी।
इसके अलावा ऑडोटोरियम के तापमान को सामान्य से कम रखने के लिए इसकी छत में थर्मल इन्सूलेटेड मटेरियल का उपयोग किया गया है। इसके आधुनिक साउंड सिस्टम लगाया गया है। इसमें साउंड इफेक्ट का कनेक्शन लाइट के साथ रहेगा। यानि जिस तरह से अलग सांउड का उपयोग किया जा सकेगा उसी हिसाब से लाइट को भी एडजेस्ट किया जा सकेगा। अटल बिहारी वाजपेयी इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में 18 एयर कंडीशन लगा गए है। जिसके चलते यहां किसी भी मौसम में कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते है।