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शादियों के सीजन में नया ट्रेंड, अब 22 नहीं 20 कैरेट का गोल्ड बन रहा लोगों की पहली पसंद

-सोना लगातार महंगा होने का पड़ रहा असर-मध्यमवर्गीय परिवार का बजट 5 से 10 लाख का रहता है बजट-20 कैरेट गोल्ड भी हॉलमार्क कैटेगिरी में

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20 carat gold

ग्वालियर। सराफा बाजार में इन दिनों नया ट्रेंड चल पड़ा है। बाजार में गोल्ड की खरीदारी करने आने वाले अब 22 कैरेट गोल्ड की बजाय 20 कैरेट गोल्ड अधिक पसंद कर रहे हैं। इसकी वजह है 20 कैरेट गोल्ड का सस्ता होना, साथ ही इसकी बनी ज्वैलरी के टूटने की संभावना भी काफी कम रहती है। वहीं प्योरिटी की अगर बात की जाए तो पिछले साल 20 कैरेट को भी बीआइएस ने हॉलमार्क कैटेगिरी में शामिल कर लिया था। सराफा कारोबारियों की मानें तो पिछले कुछ समय में 20 कैरेट गोल्ड ज्वैलरी की 30-40 फीसदी बिक्री बढ़ चुकी है। यही कारण है कि मध्यमवर्गीय सराफा कारोबारी भी 20 कैरेट गोल्ड को ही बेचना पसंद कर रहे हैं।

20 कैरेट ज्वैलरी बन रही पहली पसंद

राजा सर्राफ, अध्यक्ष, मध्यप्रदेश सराफा एसोसिएशन संघर्ष समिति का कहना अब 20 कैरेट गोल्ड ज्वैलरी की डिमांड में 30 से 40 फीसदी तक बढ़ गई है। अधिकांश लोग इसे ही खरीदना पसंद कर रहे हैं। स्टोन वाली ज्वैलरी तो पूरी ही 20 कैरेट में खरीदी जा रही है।

20 कैरेट ज्वैलरी के टूटने की संभावना होती है कम

गौरव जैन, सराफा कारोबारी का कहना है कि पहले लोग 20 कैरेट की ज्वैलरी खरीदने में संकोच करते थे लेकिन अब ऐसा नहीं है। 20 कैरेट की ज्वैलरी में कड़कपन अधिक होता है, इससे इसके टूटने की संभावना काफी कम हो जाती है।

15 ग्राम के हार पर बच रहे 6,300 रुपए

सोने की शुद्धता के हिसाब से इसे अलग-अलग कैटेगरी में बांटा गया है। 22 कैरेट वाले सोने में 91.6 फीसदी गोल्ड होता है। वहीं 20 कैरेट वाले सोने में 83.3 फीसदी गोल्ड होता है। 22 कैरेट गोल्ड का 15 ग्राम वजनी हार वर्तमान में करीब 82,000 रुपए का बनता है वहीं 20 कैरेट गोल्ड का 15 ग्राम वजनी हार करीब 75,700 रुपए का बनेगा। ऐसे में ग्राहक को 6,300 रुपए की सीधी बचत होगी। जबकि गोल्ड ज्वैलरी दोनों एक जैसी ही दिखती है। कुछ समय पहले तक ग्राहकों के बीच 20 कैरेट गोल्ड लेने के प्रति असमंजस की स्थिति हुआ करती थी लेकिन अब लोग इसे पसंद कर रहे हैं। खासकर जिन परिवारों में शादियां हैं वे इसे अधिक खरीद रहे हैं। एक मध्यमवर्गीय परिवार ज्वैलरी खरीदने का बजट 5 से 10 लाख रुपए का होता है। यदि कोई परिवार शादी के लिए 100 से 150 ग्राम सोना लेता है तो उसे 60 से 65 हजार रुपए भाव में फायदा हो जाता है। इसके साथ ही उसके गहनों के नग भी बढ़ जाते हैं।