
Milk prices: मध्य प्रदेश के गुना में दूध विक्रेताओं ने दूध की कीमत 20 फीसदी तक बढ़ा दी है। इसके साथ ही दूध से बनने वाले अन्य उत्पादों दही, घी और पनीर आदि के दाम भी बढ़ गए हैं। गर्मी के दिनों में पशु चारा, पशुओं के पोषण आहार की कीमतों की वृद्धि और दूध की कम उपलब्धता की वजह से दूध और इससे बनने वाले उत्पादों की कीमतों में वृद्धि हुई है। इसका असर सिर्फ डेयरी से बेचे जाने वाले दूध और अन्य उत्पादों पर पड़ा है। जबकि सांची और अन्य ब्रॉन्ड ने अपने किसी भी उत्पाद की कीमत में फिलहाल कोई वृद्धि नहीं की है। फिलहाल लोकल स्तर पर ही डेयरी संचालकों ने अपने-अपने स्तर से दूध की कीमतें तय कर ली है। इस वृद्धि का असर हर परिवार पर पड़ा है।
दूध के दाम बढ़ने से इससे बनने वाले अन्य उत्पादों की कीमत भी बढ़ा दी गई है। अब दही 80 रुपए किलो की जगह 100 रुपए प्रति किलो हो गया है। इसी तरह पनीर भी 25 से 30 रुपए किलो महंगा हुआ है। घी में भी 60 से 70 रुपए प्रति किलो वृद्धि की गई है। इसी तरह और इसके उत्पादों से बनने वाली मिठाइयां भी महंगी हो गई है।
दूध के कारोबार से जुड़े प्रमोद चौरसिया ने बताया कि ज्यादातर दूध ग्रामीण क्षेत्र से पशु पालक लाते हैं। इन्होंने दूध की कीमतें 7 से 10 रुपए तक बढ़ा दी हैं। इस वजह से डेयरी पर बेचे जाने वाले दूध की कीमत बढ़ी हैं। 5 प्रतिशत की फेट वाला दूध 60 रुपए किलो बिक रहा है। इसी तरह इससे कम फेट के दूध की कीमत 50 और 55 रुपए है।
दूध की उपलब्धता अधिक होने पर ही इसके दाम कम होंगे। सितंबर से फरवरी माह के बीच पशु अच्छा दूध देते हैं। इस अवधि को दूध की उपलब्धता का उच्चतम स्तर कहा जाता है। इन माह में पशुओं के लिए हरी खाद्य सामग्री, पानी, चारा आदि की उपलब्धता भी भरपूर होती है। इसलिए वैसे दूध के दामों में कमी जुलाई माह से शुरु हो जाएगी।
खली के दाम 10 रुपए बढ़े: हरिपुर निवासी पशुपालक टिंकू यादव ने बताया कि दूध के महंगे होने का मुख्य कारण खली का महंगा होना है। यह पशुओं का मुख्य पोषण आहार है। एक माह में ही 10 रुपए प्रति किलो महंगा हुआ है।
भूसा भी हुआ महंगा : पशुपालक अरबाज का कहना है कि भूसा के दाम बढ़ गए हैं। पहले यह 400 रुपए क्विंटल आसानी से मिलता था। लेकिन अब 600 से 700 रुपए प्रति क्विंटल मिल रहा है। दरअसल भूसे का उपयोग अब फर्नीचर बनाने में किया जा रहा है। इसलिए इसकी मांग बढ़ी तो यह महंगा हो गया।
मांग अधिक, उपलब्धता कम गर्मी का मौसम आने से दूध की उपलब्धता सर्दी और बारिश के मौसम की अपेक्षा कम हो जाता है। जबकि गर्मी में दही के रूप में ज्यादा दूध का उपयोग होता है। इसकी मांग बढ़ जाती है। वहीं अन्य ठंडे उत्पादों में भी दूध की मांग रहती है।
Published on:
23 Apr 2025 10:28 am
बड़ी खबरें
View Allगुना
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
