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Gorakhpur News : प्रो. पूनम टंडन बनीं गोरखपुर विश्विद्यालय की कुलपति , विवादित रहे वर्तमान कुलपति का 4 सितंबर को पूरा होगा कार्यकाल

गुरुवार की शाम राजभवन से राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आदेश भी जारी कर दिया। जिसमें उन्होंने कहा है, उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 की धारा- 12 की उपधारा 1 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लखनऊ यूनिवर्सिटी की प्रो. पूनम टंडन को कार्यभार ग्रहण करने तिथि से 3 साल की अवधि तक गोरखपुर विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया जाता है।

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Gorakhpur News : प्रो. पूनम टंडन बनीं गोरखपुर विश्विद्यालय की कुलपति , विवादित रहे वर्तमान कुलपति का 4 सितंबर को पूरा होगा कार्यकाल

GorakhpurNews : प्रो. पूनम टंडन को दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय का नया कुलपति बनाया गया है, वर्तमान कुलपति प्रो. राजेश सिंह का कार्यकाल 4 सितंबर को पूरा हो जाएगा।प्रो. पूनम टंडन लखनऊ यूनिवर्सिटी में बतौर प्रोफेसर कार्यरत हैं।

प्रो. पूनम टंडन का परिचय

पूनम टंडन की रुचि अनुसंधान क्षेत्र में लंबे समय से रही है. रासायनिक भौतिकी, क्वांटम रसायन विज्ञान जैसे विषयों में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। प्रोफेसर टंडन के राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं में 155 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हुए हैं। पिछले पांच सालों के दौरान 3 से ज्यादा बड़ी पत्रिकाओं में 83 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हुए हैं। अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस, नीदरलैंड, सिंगापुर, हंगरी, दक्षिण अफ्रीका, मलेशिया, नेपाल, ब्राजील, इटली और इंग्लैंड जैसे देशों में हुए सम्मेलनों में 100 से शोधपत्र प्रस्तुत हुए हैं।


राजभवन से जारी हुआ आदेश

इसके लिए गुरुवार की शाम राजभवन से राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आदेश भी जारी कर दिया। जिसमें उन्होंने कहा है, उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 की धारा- 12 की उपधारा 1 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लखनऊ यूनिवर्सिटी की प्रो. पूनम टंडन को कार्यभार ग्रहण करने तिथि से 3 साल की अवधि तक गोरखपुर विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया जाता है।

भ्रष्टाचार और पिटाई से काफी चर्चित रहे प्रो. राजेश सिंह

जैसा कि मालूम हो गोरखपुर यूनिवर्सिटी के कुलपति रहे प्रो. राजेश सिंह काफी विवादों से घिरे हुए थे। बीते दिनों अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने कुलपति पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कुललाधिपति आनंदीबेन पटेल से भी मुलाकात कर शिकायत की थी। कुलपति के भ्रष्टाचार और तानाशाही के खिलाफ काफी दिनों से छात्र और शिक्षक आंदोलन कर रहे हैं लेकिन उन पर जूं नहीं रेंग रहा। लेकिन कुलपति उनकी समस्याओं का निस्तारण करने की बजाय, उनके खिलाफ आवाज उठाने वालों का मुंह बंद कराने में जुटे रहे। शायद यही वजह है कि बीते दिनों धरना दे रहे ABVP कार्यकर्ताओं का धैर्य जवाब दे गया और कुलपति राजेश सिंह की पिटाई कर दी।


उग्र छात्रों ने कुलपति की गर्दन मरोड़ी

बीते 21 जुलाई को कुलपति कार्यालय पर ABVP कार्यकर्ता 4 दिनों से फीस वृद्धि और कार्यकर्ताओं के निलंबन और प्रवेश प्रतिबंध वापस लिए जाने आदि मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे, तभी अचानक भारी पुलिस बल की मौजूदगी में वहां धक्का मुक्की शुरू हो गई। इसी दौरान कुलपति प्रो. राजेश सिंह अपने कक्ष से बाहर निकल छात्रों को अनसुना कर गाड़ी में बैठने जा रहे थे, इस पर छात्र आक्रोशित हो चले और कुलपति से धक्का-मुक्की के साथ ही उनकी गर्दन भी मरोड़ दिए ।


गिरा, गिरा कर पीटे गए थे कुलसचिव

छात्रों ने कुलसचिव प्रोफेसर अजय सिंह को भी गिराकर पीटा था। ABVP कार्यकर्ताओं और पुलिस में भी हाथापाई हुई थी। बाद में पुलिस ने लाठीचार्ज करते हुए 8 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले में कुल 22 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। घटना से जुड़े दो अन्य छात्रों को भी चिह्नित किया गया है। यूनिवर्सिटी के 8 और महा विद्यालयों के दो छात्रों को निष्कासित किए जाने के लिए नोटिस जारी किया गया है।

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