
गाजीपुर. UP Flood in Ganga River- उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। बारिश के अलावा पानी छोड़े जाने से गंगा, घाघरा और यमुना नदियां उफान पर हैं। गाजीपुर में गंगा नदी खतरे के निशान से लगातार ऊपर बह रही है। इसके चलते तटवर्ती इलाकों का बुरा हाल है। खेतों में खड़ी हजारों एकड़ फसल बाढ़ के पानी में डूब कर नष्ट हो गई है। गाजीपुर का बैकुंठ धाम भी बाढ़ की जद में आ चुका है, जिसके चलते लोगों को शवदाह में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा एनएच 31 गाजीपुर-बलिया-बक्सर मार्ग कठवा मोड़ के पास पानी भर से जाने से आवागमन बाधित हो गया है।
सोमवार को गाजीपुर के बैकुंठ धाम में करीब एक दर्जन शव लाये गये, लेकिन शवदाह के स्थान पर पानी भरा होने के चलते लोगों ने सड़क के किनारे ही अंतिम संस्कार कर दिया। गौरतलब है कि गाजीपुर के बैकुंठधाम में दूर-दराज से प्रतिदिन दर्जनों शव जलाने के लिए लाये जाते हैं, लेकिन बाढ़ में शमशान घाट डूब जाने से शवों को जलाने की जगह नहीं मिल रही है।
खतरे के निशान से ऊपर बह रही गंगा नदी
गाजीपुर में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। यहां गंगा नदी खतरे के निशान को पार कर गई है। गाजीपुर में खतरे का निशान 63.105 मीटर है जबकि वर्तमान में गंगा का जलस्तर 64.50 है। 1978 की बाढ़ में सबसे गंगा का जलस्तर 65.220 मीटर पहुंच गया था जो अब तक का रिकॉर्ड है।
Published on:
09 Aug 2021 08:10 pm
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