
Farmers jammed Eastern Peripheral Expressway for 24 hours
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
गाजियाबाद. दिन निकलते ही शनिवार को बड़ी संख्या में किसान गाजियाबाद के डासना इलाके में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (Eastern Peripheral Expressway) पर पहुंच गए और सड़क पर जाम लगा दिया। जाम लगा रहे किसानों का कहना है कि गाजीपुर बॉर्डर (Ghazipur Border) पर 4 महीने से भी ज्यादा समय से किसान अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं, लेकिन सरकार उनकी तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही है। लगता है सरकार गहरी नींद में सोई हुई है। अब गहरी नींद से जगाने के लिए किसान नेताओं ने यह फैसला लिया है कि शनिवार सुबह 8 बजे से रविवार सुबह 8 बजे तक ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे को जाम किया जाएगा, ताकि सरकार के कानों तक किसानों की आवाज पहुंच सके।
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर धरने पर बैठे किसानों का कहना है कि सरकार किसानों की बातों को अनदेखा कर रही है। जबकि किसान देश की रीढ़ की हड्डी माना जाता है और इसे अन्नदाता कहा जाता है, लेकिन अन्नदाता का सरकार द्वारा घोर अपमान किया जा रहा है। पिछले 4 महीने से भी ज्यादा किसानों को धरने पर बैठे हुए हो चुके हैं, लेकिन किसी का भी इस तरफ कोई ध्यान नहीं है और किसान अब यह मन बनाए हुए हैं कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, वह घर वापसी नहीं करेंगे। किसानों का कहना है कि इतना समय बीत जाने के बाद भी सरकार की तरफ से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है, लगता है कि सरकार गहरी नींद में सोई हुई है। सरकार को नींद से जगाने के लिए 24 घंटे के लिए ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे को जाम करने का फैसला लिया गया है। इसलिए अपने नेताओं के आह्वान पर किसान धरने पर बैठ गए हैं।
वहीं, दूसरी तरफ जैसे ही किसान ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर पहुंचे और सड़क पर जाम लगाया तो वहां से निकलने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि किसानों की घोषणा के बाद पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है और वहां भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है। मौके पर पहुंचे एसपी ट्रैफिक रामानंद कुशवाहा ने बताया कि जिस तरह से किसानों के द्वारा ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे को जाम किए जाने की घोषणा की गई थी। तभी से यहां से निकलने वाले वाहनों का रूट डायवर्जन कर दिया गया है और अन्य वैकल्पिक रास्तों से इन लोगों को निकाला जा रहा है। ताकि किसी तरह की उन्हें कोई परेशानी का सामना ना करना पड़े। उन्होंने बताया कि धरने पर बैठे किसानों को समझाने का भी प्रयास किया गया है।
Published on:
10 Apr 2021 12:04 pm
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