बैंकों के पास सिर्फ 80 हजार करोड़ की नकदी भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार देश में इस समय कुल 19.3 लाख करोड़ रुपए की मुद्रा चलन में है। आरबीआई के अनुसार इसमें से करीब 18.5 लाख करोड़ रुपए लोगों के हाथ में हैं। लोगों के हाथ में मौजूद मुद्रा का आंकड़ा निकालने के लिए एक खास प्रकार के फॉर्मूले का इस्तेमाल किया जाता है। इस फॉर्मूले के अनुसार देश में चलन में मौजूद कुल मुद्रा में से बैंकों के पास मौजूद कुल मुद्रा को घटा दिया जाता है। यदि इस फॉर्मूले को आरबीआई के आंकड़ों पर इस्तेमाल किया जाए तो देश के बैंकों की काली सच्चाई सामने आ जाती है। आरबीआई के अनुसार देश में कुल 19.3 लाख करोड़ रुपए की नकदी चलन में है। इसमें से 18.5 लाख करोड़ रुपए लोगों के हाथ में हैं। यदि देश में चलन में मौजूद कुल मुद्रा 19.3 लाख करोड़ रुपए में से 18.5 लाख करोड़ रुपए को घटा दिया जाए तो कुल साफ स्पष्ट हो जाता है कि बैंकों के पास कुल 80 हजार करोड़ रुपए की नकदी बची है।
फिर बढ़ सकता है देश में कालाधन भारतीय रिजर्व बैंक के इस आंकड़े के बाद देश में फिर से कालाधन बढ़ने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। 2016 में नोटबंदी के बाद से लोग लगातार बैंकों में जमा अपना धन निकाल रहे हैं। लेकिन यह पैसा वापस बैंकों में नहीं आ रहा है। इस कारण कुछ समय पहले देशभर के बैंकों और एटीएम में नगदी का संकट पैदा हो गया था। इसको लेकर पूरे देश में खूब हंगामा हुआ था। बाद में आरबीआई ने नए नोटों की खपत बढ़ाकर इस संकट का समाधान किया था।
नोटबंदी के बाद देश में कुल मुद्रा बढ़ी भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से जारी आंकड़ों ने भारतीय अर्थव्यवस्था की सुनहरी तस्वीर भी पेश की है। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार इस समय देश में कुल 19.3 लाख करोड़ रुपए की नकदी चलन में है। नोटबंदी के बाद देश में कुल 8.9 लाख करोड़ रुपए की नकदी चलन में थी। इससे साबित होता है कि आज देश में नोटबंदी के बाद के मुकाबले दोगुने से अधिक मुद्रा चलन में है।