इस साल एग्जाम एरर फ्री हो, इसे ध्यान में रखते हुए सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने भी अपनी कमर कस ली है।
स्कूल स्टूडेंट्स के एग्जाम नजदीक हैं। पिछले साल पेपर लीक की घटनाओं ने स्टूडेंट्स को खासा परेशान किया था। आलम यह रहा कि बोर्ड को 10वीं और 12वीं दोनों के पेपर दोबारा कराने की नौबत आ गई। इस साल एग्जाम एरर फ्री हो, इसे ध्यान में रखते हुए सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने भी अपनी कमर कस ली है। इस बार एग्जाम पूरी तरह फेयर हो, इसे लेकर बोर्ड ने थ्री लेयर सिक्योरिटी का इस्तेमाल करने की तैयारी की है। मंगलवार को भी बोर्ड की ओर से शहर के स्कूल्स, प्रिंसिपल्स और सेंटर सुप्रीटेंडेंट को लैटर भेजकर एग्जाम को एरर फ्री बनाने के लिए अलर्ट रहने को कहा है। साथ ही टेक्नोलॉजी के जरिए एग्जाम को एरर फ्री बनाने की बात कही है। बोर्ड ने यह भी कहा है कि यदि सुप्रीडेंटेड किसी भी तरह ही गलती करते हैं, तो उन्हें इसका बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
एप पर भेजनी होगी फोटो
बोर्ड ने एग्जाम को स्मूथ और फेयर बनाने के लिए इस बार टेक्नोलॉजी का भी खासा इस्तेमाल किया है। बोर्ड ने इसके लिए दो एप भी बनाए हैं, जिसमें पहला एप बैंक कस्टोडियन और दूसरा सेंटर सुप्रीडेंटेंड्स के लिए है। बोर्ड की ओर से स्कूल प्रशासन और सेंटर सुप्रीडेंटेड को लैटर के जरिए साफ कर दिया है कि उन्हें एग्जाम के दौरान 'सीएमटीएम-सीएस' एप का यूज करना जरूरी है। इस एप के तहत सुप्रीडेंटेड जब बैंक कस्टडी से पेपर लेंगे, तो उन्हें पेपर बन्च रिसीव करने के साथ ही एप पर फोटो भेजनी होगी। इसके बाद जैसे ही सुप्रीडेंटेड सेंटर की ओर रवाना होंगे, एप में जीपीएस स्टार्ट हो जाएगा। एप सिर्फ रजिस्टर्ड मोबाइल पर ही डाउनलोड होगा। सेंटर पर पहुंचकर सुप्रीडेंटेड को पेपर की फोटो क्लिक करके भेजनी होगी। खास बात यह है कि एप पर सेव फोटो भेजी नहीं जा सकती है। इसके अलावा भी एप कई फीचर्स से लैस होगा।