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तापमान से प्रेशर कुकर जैसी हो जाएगी हमारी दुनिया

शोध में चेतावनी : तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की वृद्धि के साथ हवा में 7 फीसदी बढ़ सकती है नमी

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तापमान से प्रेशर कुकर जैसी हो जाएगी हमारी दुनिया

तापमान से प्रेशर कुकर जैसी हो जाएगी हमारी दुनिया

वॉशिंगटन. दुनियाभर में मौसमी घटनाओं के चरम को लेकर वैज्ञानिकों का दावा है कि जैसे-जैसे वैश्विक तापमान बढ़ेगा, पृथ्वी पर नमी बढ़ेगी। इससे धरती के हालात प्रेशर कुकर जैसे हो जाएंगे। वॉशिंगटन की नॉर्थवेस्ट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के मुताबिक पृथ्वी की सतह के तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की वृद्धि के साथ हवा में नमी सात फीसदी तक बढ़ सकती है। इसके कारण हीट इंडेक्स में काफी वृद्धि होगी।

यह शोध अर्थ फ्यूचर जर्नल में छपा है। इसमें बताया गया कि तापमान में वृद्धि की वजह से हवा में नमी बढऩे का दुष्प्रभाव बाढ़ और तूफानों के रूप में भी सामने आएगा। शोधकर्ताओं में से एक हाइजियांग वू ने कहा, धरती का तापमान बढऩे से जगह-जगह अतिवृष्टि, बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं बढ़ेंगी। तापमान वृद्धि से हीट वेव के कारण जमीन की ऊपरी सतह पूरी तरह सूख जाती है। इससे तेज बारिश के वक्त पानी जमीन के बजाय समुद्रों में पहुंच जाता है। यह पृथ्वी पर भूजल में कमी का सबसे बड़ा कारण है।

जैसे किसी अनजान क्षेत्र में आ गई पृथ्वी

लंदन के इंपीरियल कॉलेज में जलवायु विज्ञान के प्रोफेसर डॉ. पाओलो सेप्पी का कहना है कि जीवाश्म से मिलने वाले ईंधन के कारण हो रही ग्लोबल वार्मिंग और अल नीनो के कारण ऐसा लगता है कि पृथ्वी किसी अनजान क्षेत्र में आ गई है। इस साल जुलाई में अब तक का सबसे गर्म दिन रहा, वैश्विक स्तर पर जून का महीना सबसे अधिक गर्म था, जबकि अंटार्कटिक सागर में बर्फ में रेकॉर्ड कमी आई।

भारत में कहीं अतिवृष्टि तो कहीं कम बारिश

तापमान में रेकॉर्ड बढ़ोतरी, समुद्र की सतह गर्म होने और अंटार्कटिक सागर में बर्फ पिघलने की घटनाओं को लेकर वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि कई खौफनाक मंजर दुनिया के सामने आ सकते हैं। भारत के एक हिस्से में इस साल जरूरत से अधिक बारिश ने तबाही मचाई। देश के 40 फीसदी हिस्से ने ज्यादा बारिश और बाढ़ की मार झेली, जबकि बाकी हिस्से बारिश को तरस गए।