मूडीज ने यह भी कहा कि यदि सुधार की दिशा में और आर्थिक आंकड़ों में प्रगति दिखाई देगी, तो देश की साख रेटिंग भी सुधारी जा सकती है
नई दिल्ली। भारत की
विकास दर का पूर्वानुमान घटाने के ठीक एक सप्ताह बाद वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज
इनवेस्टर्स सर्विस ने मंगलवार को कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में विकास की संभावना
दिखाई पड़ रही है। मूडीज ने यह भी कहा कि यदि सुधार की दिशा में और आर्थिक आंकड़ों
में प्रगति दिखाई देगी, तो देश की साख रेटिंग भी सुधारी जा सकती है।
मूडीज
ने कहा, देश के सरकारी बांड की बीएए3 रेटिंग से पता चलता है कि उच्च महंगाई, उच्च
वित्तीय घाटा और नियामकीय तथा अवसंरचना बाधाओं के बाद भी देश की विशाल और
विविधतापूर्ण अर्थव्यवस्था में विकास की प्रचुर संभावना है।
अप्रैल 2015 में
मूडीज ने कहा था कि देश की साख रेटिंग के परिदृश्य को स्थिर से बदलकर सकारात्मक कर
दिया गया है। यह बदलाव इस आधार पर किया गया था कि प्रस्तावित और लागू की गई नीतियों
से साख की जोखिम कम होगी, महंगाई कम होगी, नियामकीय व्यवस्था बेहतर होगी और
अवसंरचना खर्च बढ़ेगा।
एजेंसी ने हालांकि कहा, यदि ऊपरी बताई गई उम्मीदें
अगले साल तक नीतियों और आंकड़ों में दिखाई पड़ेगी और इसमें स्थायित्व होगा, तो
रेटिंग बेहतर की जा सकती है। मूडीज ने कहा, नीति सुधार की प्रक्रिया यदि धीमी होगी,
बैंकिंग व्यवस्था की कमजोरी बने रहेगी और यदि बाहरी कर्ज और आयातों के लिए विदेशी
पूंजी भंडार की सुरक्षा घटेगी, तो परिदृश्य को फिर से स्थिर किया जा सकता
है।
मूडीज ने एक सप्ताह पहले 18 अगस्त को मानसूनी बारिश कम रहने तथा सुधार
की प्रक्रिया धीमी रहने के कारण मौजूदा कारोबारी साल में देश की विकास दर के अनुमान
को 50 आधार अंक घटाकर सात फीसदी कर दिया था।
मूडीज ने मंगलवार की रपट में
हालांकि कहा, अन्य देशों के मुकाबले भारतीय अर्थव्यवस्था में अधिक मजबूती है। रपट
के मुताबिक, एक आयातक देश होने के नाते दुनिया भर में कमोडिटी की कीमत घटने से भारत
को लाभ होगा। साथ ही अर्थव्यवस्था में घरेलू मांग का अधिक योगदान होने से यह
वैश्विक सुस्ती से भी बहुत हद तक अप्रभावित रहेगी।