उन्होंने ये भी कहा है की, अगर कोई पुराने उत्पाद पर संशोधित मूल्य नहीं प्रकाशित करता तो इस मामले को पैकेट बंद उत्पाद नियम का उलंघन माना जायेगा और ऐसा करने वाले के खिलाफ कड़ी करवाई किया जाएगा। इसके लिए पहली बार 25,000 रुपये, दूसरी बार 50,000 रुपये तथा तीसरी बार एक लाख तक का जुर्माना लगाया जायेगा और साथ में एक साल का जेल ही हो सकता है।