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बांसवाड़ा तक लगेगी दौड़, बेणेश्वर से देव सोमनाथ तक वागड़ का छोर

नए जिले एवं संभाग को लेकर िस्थतियां साफ

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बांसवाड़ा तक लगेगी दौड़, बेणेश्वर से देव सोमनाथ तक वागड़ का छोर

बांसवाड़ा तक लगेगी दौड़, बेणेश्वर से देव सोमनाथ तक वागड़ का छोर

डूंगरपुर

प्रदेश में नए जिलों व संभाग की घोषणा के बाद से चली आ रही चर्चाओं पर आखिरकार शुक्रवार को विराम लगा। वागड़ से लगते नए जिले सलूंबर की िस्थति स्पष्ट हो गई है। जिसमें डूंगरपुर के साबला, आसपुर को शामिल करने के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन अब यह साफ हो गया है कि ये क्षेत्र डूंगरपुर जिले में ही यथावत रहेंगे।

इधर, बांसवाड़ा संभाग मुख्यालय बनने से इसमें डूंगरपुर, प्रतापगढ़ एवं बांसवाड़ा को शामिल किया है। ऐसे में अब डूंगरपुर जिले के लोगों को संभागीय मुख्यालय से जुड़े कामकाज के लिए बांसवाड़ा तक दौड़ लगानी पड़ेगी। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व संभागीय मुख्यालय उदयपुर था।

लोगों की मिश्रित प्रतिक्रिया
पहले डूंगरपुर का संभाग मुख्यालय उदयपुर था। डूंगरपुर को बांसवाड़ा में शामिल किए जाने से लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया है। आवागमन की दृष्टि से डूंगरपुर से उदयपुर और बांसवाड़ा दोनों ही लगभग समान दूरी पर है, लेकिन यातायात के साधनों की सुलभता तथा सड़क मार्ग अच्छा होने से उदयपुर आमजन अधिकतम दो से ढाई घंटे में पहुंच जाते हैं। वहीं, बांसवाड़ा जाने के लिए आवागमन के साधनों की इतनी अधिक सुलभता नहीं है। सड़क मार्ग भी खस्ताहाल है। ऐसे में लोगों को पहुंचने में बांसवाड़ा वाया सागवाड़ा जाने में चार से पांच घंटे का समय लगता है। वहीं, उदयपुर संभाग मुख्यालय होने पर लोग उदयपुर जाने पर अपने व्यापारिक कार्य, खरीदारी आदि भी कर के आते थे।

-----यह तीर्थ हमारे ही...

जिलों के पुनर्गठन में पूरी संभावना जताई जा रही थी कि डूंगरपुर जिले के आसपुर, साबला, निठाउवा आदि क्षेत्र सलूम्बर जिले में शामिल हो जाएंगे। इससे यहां की धार्मिक आस्थाएं भी प्रभावित हो रही थी। जिले के कई ख्यातनाम तीर्थ स्थल इन्हीं क्षेत्रों में हैं, जो वागड़वासियों की जन-जन की आस्था के केन्द्र हैं। कुछ समय पूर्व सोशल मीडिया पर भ्रामक नक्शों में जिले के कई तीर्थ स्थलों को सलूम्बर में भी बताया था। इसके बाद लोगों ने ज्ञापन आदि भी दिए। लेकिन, अब स्थितियां साफ होने से लोगों ने राहत की सास ली है। ऐसे में वागड़ प्रयाग बेणेश्वर धाम, विजवामाता, आशापुरा माताजी निठाउवा, देवसोमनाथ महादेव मंदिर, सोमकमला आम्बा बांध आदि वागड़ में यथावत रहेंगे।

बांसवाड़ा संभाग में ये जिले

बांसवाड़ा, डूंगरपुर व प्रतापगढ़ ।----

सलूंबर जिले में इन्हें किया शामिल
सराड़ा, सेमारी, लसाडि़या, सलूंबर, झल्लारा तहसील को शामिल किया है।


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