15 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अगर चाहते सुख-समृद्धि सदैव बनी रहे तो कार्तिक मास में 30 दिन अंजाने में भी ना करें ये काम

अगर चाहते सुख-समृद्धि सदैव बनी रहे तो कार्तिक मास में 30 दिन अंजाने में भी ना करें ये काम

2 min read
Google source verification

भोपाल

image

Shyam Kishor

Oct 24, 2018

kartik maas

अगर चाहते सुख-समृद्धि सदैव बनी रहे तो कार्तिक मास में 30 दिन अंजाने में भी ना करें ये काम

धर्म शास्त्रों में कार्तिक मास का विशेष महत्व बताया गया है, इस पूरे कार्तिक मास में के बारे में ऐसी मान्यता हैं कि एक माह तक 25 अक्टूबर 2018 दिन गुरूवार से लेकर 23 नवंबर 2018 दिन शुक्रवार तक पूरे 30 दिनों तक कुछ कामों को करना निषेध माना जाता है, अंजाने में भी इन कामों को नही करना चाहिए, वरना अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है । इस महीने में ईश्वर भक्ति को प्रमुख माना गया हैं कहा जाता हैं कि जो भी कार्तिक मास में जप, तप, पूजा, हवन, दान, सेवा जैसे कार्यों मे लगा रहता उसके जीवन में सुख-समृद्धि सदैव बनी रहती हैं । जाने उन नियमों को जिन्हें इस माह में करने से बचना चाहिए ।

1- दीपदान जरूर करें - कार्तिक मास में दीपदान करने से परिवार के सभी सदस्यों के जीवन का अंधकार समाप्त हो जाता हैं । इसलिए इस महीने किसी भी पवित्र नदी या तालाब में सूर्यास्त के समय दीपदान करना ही चाहिए ।


2- तुलसी पूजा अवश्य करें - कार्तिक मास में तुलसी जी की पूजा करने से श्री नारायण की कृपा शीघ्र प्राप्त होने लगती हैं । वैसे तो हर दिन भी तुलसी का सेवन एवं पूजन करना बहुत शुभकारी माना जाता है, लेकिन कार्तिक में तुलसी पूजा का महत्व हजार गुना बढ़ जाता है इससे विष्णुज जी के साथ माता लक्ष्मी भी प्रसन्न हो जाती हैं ।


3- भूमि पर सोना चाहिए - कार्तिक मास में भूमि पर सोने से व्यक्ति के मन में सात्विकता का भाव आता है, और नकारात्मक विचारों का नाश होता है ।


4- तेल न लगाये - ऐसा कहा जाता हैं कि कार्तिक महीने के 30 दिनों में से केवल एक दिन नरक चतुर्दशी (कार्तिक मास के कृष्णपक्ष की चतुर्दशी तिथि) के दिन ही शरीर पर तेल लगाना चाहिए , अन्य दिनों में तेल लगाना शास्त्रों में वर्जित माना गया है ।


5- इस माह दाले न खाये - कार्तिक मास में उड़द, मूंग, मसूर, चना, मटर, राई आदि नहीं खाना चाहिए । इससे जीवन की प्रगति में रूकावटे आने की संभावना बनी रहती है ।


6- ब्रह्मचर्य का पालन करे - कार्तिक मास में ब्रह्मचर्य का पालन अति आवश्यक बताया गया है, इस व्रत का पालन नहीं करने पर पति-पत्नी एवं संतानों की भी दोष लगने के अलावा अशुभ फल भी प्राप्त मिलते है ।


7- संयम रखें - कार्तिक मास का व्रत करने वाल सभी स्त्री पुरूष कम बोले, किसी की निंदा, अपमान या विवाद न करें, अपने मन पर जितना संयम रखेंगे लाभकारी होगा ।