
21 दुखों के विनाश का प्रतीक गणपति जी का ये स्वरुप, जानें स्वरुपों का रहस्य
गणेश चतुर्थी के रूप में गणेशोत्सव पूरे देश में काफी उत्साह से मनाया जा रहा है। गणेशोत्सव भगवान गणेश जी के जन्म के उत्साह के रुप में मनाया जाता है। देशभर में मनाया जाने वाला यह त्यौहार महाराष्ट्र का खास त्यौहार माना जाता है। इस पर्व का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व दोनों ही रुप में देखा जाता है। गणेश चतुर्थी के दिन से दस दिनों तक मनाया जाने वाला गणेशोत्सव पर गणपति जी के स्वरुपों की पूजा की जाती हैं। गणेस जी को विघ्नहर्ता कहा जाता है। वहीं उनके अनेकों रुपों की अनेक विशिष्ट पूजा से सभी दुखों का नाश होता है। लेकिन गणेश जी की पूजा करने से पहले उनके विशष्ट रुपों के बारे में जान लेने से कई प्रकार की बाधाएं दूर हो जाती है। गणेशजी एक ऐसे देवता हैं, जो भौतिक और आध्यात्मिक दोनों ही प्रकार की सफलताओं को एक साथ देने में समर्थ-और सक्षम हैं।
इस तरह करें पूजन गणपति
गणपति जी भगवान शिव के पुत्र हैं। जिस प्रकार भोलेनाथ सिर्फ एक लोटे जल से प्रसन्न हो जाते हैं उसी प्रकार श्री गणेश जी को भी दूर्वा चढ़ा कर प्रसन्न किया जा सकता है। लेकिन इन्हें प्रसन्न करने के लिए सच्ची भक्ती और निष्ठाभाव होना बेहद जरुरी है। माना जाता है की जो भक्त पवित्रभाव से गणएेश जी की पूजा-अर्चना करता है व व्रत करता है श्री गणेश उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं व उसे बुद्धि का वरदान देते हैं। लेकिन अभीष्ट की सिद्धि के लिए गणेशोत्सव में किए गए व्रत व गणेश मंत्रों के जाप से बहुगुणित प्रभाव पड़ता है।
21 दुखों का होता है अंत
गणेश चतुर्थी के पूजन से 21 दुखों का विनाश होता है। पूजन के बाद हवन में तीन दुर्वाओं का प्रयोग किया जाता है उनका एक महत्व है। तीनों दुर्वाओं का मतलब आणव, कार्मण और मायिक रूपी तीन बंधनों को भस्मीभूत करना माना जाता है। इससे जीव सत्त्वगुण संपन्न होकर मोक्ष को प्राप्त करता है। शमी वृक्ष को वह्नि वृक्ष कहते हैं। वह्नि-पत्र गणेशजी का प्रिय है। वह्नि-पत्र से गणेशजी को पूजने से जीव ब्रह्मभाव को प्राप्त कर सकता है। मोदक भी उनका प्रिय भोज्य है। मोद-आनंद ही मोदक है। इसलिए कहा गया है- आनंदो मोदः प्रमोदः। गणेशजी को इसे अर्पित करने का तात्पर्य है- सदैव आनंद में निमग्न रहना और ब्रह्मानंद में लीन हो जाना।
गणेश जी के 12 नाम और उनका अर्थ
12. विघ्रनाशन — अर्थात विघ्नों को हरने वाले
Published on:
15 Sept 2018 02:10 pm
बड़ी खबरें
View Allट्रेंडिंग
