जयपुर. हाथों में निशान थामे, जय श्री श्याम का जयकारे लगाते श्याम भक्त और मार्ग में जगह-जगह पदयात्रियों की मनुहार करते लोग। कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। श्री श्याम सत्संग मंडल संस्था की ओर से बुधवार सुबह 11 बजे रामगंज बाजार, कावंटियों का खुर्रा स्थित प्राचीन श्याम मंदिर से रवाना हुई 59 वीं निशान पदयात्रा के दौरान। राजधानी की सबसे पुरानी पदयात्रा गाजे बाजे और लवाजमे के साथ रवाना हुई। पदयात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पदयात्री हाथों में निशान लेकर जयकारे लगाते, नाचते-गाते, अबीर-गुलाल उड़ाते हुए चल रहे थे। आज शहर से एक दर्जन से ज्यादा पदयात्राएं खाटू श्याम बाबा की चौखट पर हाजिरी देने के लिए छोटी काशी से रवाना हुई। पदयात्रियों के रैले से परकोटा श्याममय नजर आया।
पुष्प वर्षा से स्वागत
मंदिर महंत पं. लोकेश मिश्रा के सान्निध्य में आज सुबह बाबा श्याम की विशाल पदयात्रा विधिवत पूजा-अर्चना के बाद जयकारों के साथ रवाना हुई। बाबा श्याम चांदी के रथ में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दिए। कई संतों- महंतों के सान्निध्य में बाबा श्याम की महाआरती की। यात्रा में स्त्री-पुरुष हाथों मे निशान लेकर बाबा श्याम के जयकारे लगाते, नाचते- भजन गाते हुए खाटू धाम के लिए रवाना हुए। बड़ी चौपड़ पर पदयात्रियों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। कई विशिष्ट लोगों ने यहां श्याम बाबा के रथ की आरती उतारी।
मंदिर के पुजारी रहे गोकुल चंद मिश्र की प्रेरणा और आशीर्वाद से निकली ऐतिहासिक पदयात्रा की रवानगी की पूर्व संध्या पर मंगलवार को मंदिर में निशान पूजन कर मोरपंखी धारण कराई गई। बाबा श्याम की विशेष पूजा-अर्चना की गई। पदयात्रा 9 मार्च को खाटू धाम पहुंचेगी। यहां बाबा श्याम को निशान अर्पित किए जाएंगे।